विशाल सिंह सीओ कैंट की सुरक्षा में तैनात थे। वो पूरी लगन औऱ ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते थे। तब तक विशाल सिंह की पहचान एक हवलदार के तौर पर थी लेकिन अटूट मेहनत और गजब के आत्मविश्वास से विशाल सिंह ने सिर्फ अपनी पहचान बदल दी बल्कि वो युवाओं के लिए प्रेरणा भी बन गए। आज हम जिस सफल शख्सियत की यहां चर्चा कर रहे हैं वो कभी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सीओ कैंट की सुरक्षा में तैनात एक कॉन्स्टेबल हुआ करते थे।
यूपी के गाजीपुर के रहने वाले विशाल सिंह यूपी पुलिस में ही कॉन्स्टेबल थे। हालांकि शुरू से ही उनकी इच्छा थी कि वो एक IAS अफसर बनें। विशाल सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सीएएफ यानी सेंट्रल आर्म्ड फोर्स (असिस्टेंट कमांडेंट) की परीक्षा पास कर ली।
खास बात यह है कि विशाल कुमार सिंह ने यूपीएससी की तैयारी डयूटी के दौरान बिना छुट्टी लिए की है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताय था कि अपनी डयूटी पूरी करने के बाद वे घर चले जातें और परिक्षा की तैयारी में जुट जाते थे। वह रोज 2 घंटे नियमित तौर पर पढ़ते थे। विशाल का कहना था कि रोजाना पढ़ाई से सफलता जरूर मिलती है। वह रोज पेपर पढ़ते थे। इससे उन्हें देश-दुनिया के बारे में जानकरी मिल जाती है। विशाल ने बताया कि वह पहले सेना में भर्ती होना चाहते थे लेकिन वे एनडीए की परिक्षा पास नहीं कर पाएं।
साल 2018 में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करने वाले विशाल सिंह ने कहा था कि कोई भी परीक्षा इतनी कठिन नहीं होती है, बस जरुरत है अपने विचारों को पॉजीटिव बनाए रखना। विशाल सिंह देश की आतंरिक सुरक्षा में रूचि रखते हैं और देश के लिए कुछ नया करना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि देश के सामने कई चुनौतियां हैं और वो इन चुनौतियों से निपटने में सहयोग करना चाहते हैं। जाहिर है विशाल कुमार सिंह की यह कहानी आज के युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

