उत्तर प्रदेश के अमेठी के एक स्कूल में बच्चों से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आया है। इस स्कूल में पढ़ाई-लिखाई के लिए आए बच्चों से काम कराए जाने का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि स्कूली बच्चे परिसर के अंदर मिट्टी खोद रहे हैं और काम कर रहे हैं। वीडियो में एक महिला शिक्षिका इन छात्रों की मॉनिटरिंग करती भी करती नजर आ रही हैं। यह घटना जगदीशपुर ब्लॉक के मॉडल स्कूल की है। यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने स्कूल प्रबंधन की भी आलोचना की है।
मामले में हंगामा मचने के बाद स्कूल प्रबंधन ने अब अपनी सफाई भी पेश की है। स्कूल प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि गांव के पंचायत प्रमुख ने स्कूल में पौधा लगाने के लिए कहा था लेकिन पंचायत प्रमुख ने पौधे लगाने के लिए स्कूल में कोई आदमी नहीं भेजा। इसी वजह से स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से पौधा लगाने के लिए कहा। स्कूल में पौधा लगाने के लिए फावड़ा चला रहे और मिट्टी ढो रहे बच्चों का वीडियो वायरल होने के बाद सभी हैरत में हैं।
साल 2018 में हरियाणा के हिसार से भी एक ऐसी ही खबर आई थी। उस वक्त यहां के रजली गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल में बच्चों से बाल मजदूरी कराने का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दिखाई दे रहा था कि स्कूली बच्चों से दीवार के निर्माण में ईंटें ढुलवाई जा रही हैं। इस दौरान जब कुछ बच्चों ने इसकी वीडियो बनाने की कोशिश की थी तो मास्टर ने बच्चों को डंडा लेकर धमकाते हुए मौके से भगा दिया था।
आपको याद दिला दें कि इससे पहले यूपी के जनपद हापुड़ से भी एक ऐसी ही खबर आई थी। यहां छात्रों को स्कूल में पढ़ाने के बजाय अध्यापक छात्रों से खेतों में काम कराते नजर आ रहे थे। इस घटना का भी एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में छात्रों से खेतों में पड़े पौधे को उठवाकर गाड़ियों में लदवाया जा रहा था। वीडियो में मासूम छात्र अध्यापक के डर से कीचड़ में भी काम करते नजर आ रहे थे।
