जिस गाड़ी में कांग्रेस विधायक सवार थे उस गाड़ी का चालान काटने के बाद यह IAS अफसर काफी चर्चा में आई थीं। साल 2017 बैच की आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा की पहली पोस्टिंग राजस्थान के चितौड़गढ़ में एसडीएम के पद पर हुआ था। कैसे अपनी पहली ही पोस्टिंग में तेजस्वी राणा कांग्रेस के विधायक से टकरा गईं यह आपको आगे बताएंगे।
यहां आपको बता दें कि तेजस्वी राणा का जन्म हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई यही हुई थीं। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा उन्होंने बेहतरीन अंकों के साथ पास की थी। कभी इंजीनियरिंग की चाहत रखने वाली तेजस्वी राणा ने जेईई परीक्षा दी थी और उनका चयन भी हुआ था। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की तरफ रुख किया। साल 2015 में ही तेजस्वी राणा ने पहला अटेम्प्ट दिया और प्री परीक्षा पास भी कर ली।
आईएएस बनने के बाद तेजस्वी राणा का सामना साल 2020 में कांग्रेस विधायक से हुआ था। बताया जाता है कि इस दौरान 14 अप्रैल 2020 को बेंगू विधायक राजेन्द्र सिंह विधुड़ी अपने कार्यकर्ता कान सिंह भाटी के साथ गाड़ी में चित्तौड़गढ़ फोर्ट से सर्किट हाउस लौट रहे थे। गाड़ी को कान सिंह ही चला रहे थे। रास्ते में अप्सरा चौराहे पर पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात एसडीएम तेजस्वी राणा ने कार को रुकवाया और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा। ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया और पुलिस से गाड़ी का चालान कटवा दिया।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जाता है कि उस वक्त एसडीएम की कार्रवाई से नाराज विधायक विधुड़ी ने बाद में राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से तेजस्वी राणा के ट्रांसफर की मांग भी की थी। विधायक की गाड़ी का चालान काटने के बाद इसी दिन एसडीएम चितौड़गढ़ सब्जी मंडी भी पहुंची थीं। यहां पर उन्होंने सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों की धज्जियां उड़ते देख व्यापारियों को डांट-फटकार लगाई थी।
