‘शाम तक लड़की को वापस करो वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे..’ राजस्थान में बाल संरक्षण आयोग की महिला अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि यह धमकी उन्हें दी गई है। बताया जा रहा है कि फोन कॉल्स और मैसेज के जरिए संगीत बेनावील को ऐसी 100 से ज्यादा धमकियां दी गई हैं। यह धमकी जोधपुर सिटी की रहने वाली 12 साल की एक नाबालिग लड़की को लेकर दी गई है। बताया जा रहा है कि जब यह लड़की 3 साल की थी तब उसकी मां ने उसे एक गैर सरकारी संस्था के पास छोड़ दिया था और अब जब वो 12 साल की हो गई है तो उसकी मां अपनी बेटी को वापस मांग रही है। कहा जा रहा है कि लड़की अब अपनी मां के पास जाने से इनकार कर रही है।
संगीता बेनीवाल ने मीडिया को बताया कि साल 2011 में इस महिला ने अपनी बेटी को बाल संरक्षण कमेटी को यह कहते हुए सौंपा था कि वो उसकी देखभाल कर पाने में सक्षम नहीं है और 18 साल के होने तक कमेटी बच्ची की देखभाल करे। इसके बाद मई 2012 में कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद लड़की को ‘नवजीवन’ नाम की एक गैर सरकारी संस्था को सौंप दिया गया था।
लड़की फिलहाल एक स्कूल में पढ़ाई कर रही है और उसकी फीस जो करीब 50,000 रुपया सालाना है संस्था ही वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि अचानक अब नौ साल बाद लड़की की मां जो एक घरेलू नौकर के तौर पर काम करती हैं वो अपनी बेटी को वापस मांग रही हैं और लड़की मां के पास जाने से इनकार कर रही है।
संगीता बेनीवाल के मुताबिक इसी साल फरवरी के महीने में लड़की की मां ने अपनी बेटी से मिलने की अपील की थी। जिसके बाद उन्हें अपनी बेटी से मिलने की इजाजत दी गई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद लड़की की मां ने एनजीओ को धमकी देना शुरू कर दिया कि वो उनकी बेटी को वापस कर दें। लेकिन लड़की ने जब अपनी मां के पास जाने से इनकार किया तब उसकी मां अपने समुदाय के लोगों को लेकर एनजीओ के ऑफिस तक पहुंच गई थीं।
इस मामले में जब बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया तब समुदाय के कुछ लोग उन्हें फोन कॉल कर और व्हाट्सऐप पर मैसेज कर धमकियां देने लगे हैं। गुरुवार को भेजे गए एक धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि ‘शुक्रवार शाम तक वो लड़की को वापस करे दें वरना उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।’ इधर लड़की ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि ‘मैं मां के पास वापस नहीं जाना चाहती। मुझे नहीं मालूम कि वो जिस व्यक्ति के साथ रहती हैं वो मुझे बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा पाएंगे या नहीं?’
इस मामले में संगीता बेनीवाल ने जोधपुर सिटी के कमिश्नर से एनजीओ और लड़की को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। बेनीवाल ने कहा कि ”मैंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर जांच के लिये सभी नंबर और संदेश साझा किये हैं। मैंने अनाथालय को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है ताकि लड़की के साथ कोई अप्रिय घटना न हो।” उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने बृहस्पतिवार सुबह उन्हें दोबारा फोन किया और शुक्रवार शाम तक लड़की को उसके सुपुर्द करने के लिये कहा है।

