Citizenship Amendment Act (CAA): ‘बांग्लादेशी निकलो नहीं तो मनसे स्टाइल में निकाले जाओगे।’ नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। अब राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने देश में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों को खुलेआम चुनौती दी है। नवी मुंबई में एमएनएस का एक पोस्टर इन दिनों चर्चा में है। इस पोस्टर में लिखा गया है कि ‘बांग्लादेशी निकलो नहीं तो मनसे स्टाइल में बाहर किए जाओगे।’ पोस्टर में राज ठाकरे और उनके बेटे अमित ठाकरे की तस्वीरें भी लगी हैं।

अभी कुछ ही दिनों पहले राज ठाकरे ने सीएए के मुद्दे पर मोदी सरकार को सपोर्ट करने का ऐलान किया था। जिसके बाद 3 फरवरी से नवी मुंबई में राज ठाकरे की पार्टी का यह पोस्टर सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सीएए के समर्थन और अवैध बांग्लदेशी तथा पाकिस्तानियों के खिलाफ 9 फरवरी को मार्च निकालने का ऐलान भी किया है। MNS का आरोप है कि, नवी मुंबई में कई जगहों पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है जहां अवैध बांग्लादेशी बतौर मजदूर काम करते हैं।

कई जानकारों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना की दोस्ती टूटने के बाद अब MNS कट्टर हिंदुत्व वाली छवि अपना कर अपने लिए नए सियासी जमीन तैयार करने में जुटी है। दरअसल हिंदुत्व की राजनीति हथियाने की यह जंग 23 जनवरी को शुरू हुई थी जब एमएनएस ने नए झंडे, चिन्ह और नई विचारधारा के साथ नई शुरुआत की थी। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने पार्टी के नए झंडे का अनावरण किया जो गहरे भगवा रंग का है। इसके साथ छत्रपति शिवाजी महाराज के शासन की मुद्रा (रॉयल सील) को चिन्ह के तौर पर जारी किया गया है।

बहरहाल आपको बता दें कि सीएए के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इस कानून का विरोध करने वालों का कहना है कि इस कानून के जरिए अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार इस कानून को लेकर कई बार साफ कर चुकी है कि नागरिकता संशोधन कानून किसी भी भारतीय की नागरिकता लेने के लिए नहीं बल्कि उन्हें नागरिकता देने के लिए लाया गया है। (और…CRIME NEWS)