नोएडा के गौरव चंदेल हत्याकांड मामले में जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही सामने आई है। इस पर कार्रवाई करते हुए थाना बिसरख के प्रभारी निरीक्षक मनोज पाठक समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एक अन्य पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया है। घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सीओ की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मीडिया प्रभारी शिवांग शेखर ने बताया कि थाना बिसरख के प्रभारी निरीक्षक मनोज पाठक, उपनिरीक्षक वीरपाल सिंह तोमर, उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार और उप निरीक्षक मान सिंह समेत छह पुलिस वालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच रिपोर्ट में इन पुलिसर्किमयों की कथित लापरवाही की बात सामने आई थी। क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट के बाद पुलिस वालों पर कार्रवाई की गई है।
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छह जनवरी को घर लौटते वक्त हुई हत्या : गौरव चंदेल छह जनवरी को गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा में अपने घर लौट रहे थे। नोएडा के हिंडन नदी के पास परथला चौक पर अज्ञात बदमाशों ने उनके सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और उनकी कार और लैपटॉप आदि लूट कर भाग गए। मेरठ क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आलोक कुमार तथा मंडलायुक्त अनीता मेश्राम ने शुक्रवार को चंदेल के परिजनों से भेंट की। चंदेल के परिवार वालों ने मामले में पुलिस की लापरवाही को लेकर शिकायत की।
पुलिस पर आरोप है कि रिपोर्ट नहीं दर्ज की : मामले पर संज्ञान लेते हुए आईजी ने इस मामले की जांच ग्रेटर नोएडा के डीएसपी राजीव कुमार सिंह को सौंप दी। मीडिया प्रभारी ने बताया कि परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन थाना बिसरख पुलिस ने सीमा विवाद के चलते उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें नोएडा के थाना फेस -3 में भेज दिया, जिसके कारण समय रहते चंदेल की तलाश नहीं हो पाई। परिजनों ने बताया कि अगली सुबह पांच बजे उन्हें चंदेल लहूलुहान अवस्था में परथला चौक के पास मिले और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

