इस गैंगस्टर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएसी की पढ़ाई की थी। कहा जाता है कि कॉलेज के दिनों में वो कुख्यात बदमाश जोगेंद्र के संपर्क में आया था। यह भी कहा जाता है कि कुलदीप धीरे-धीरे दिल्ली में बड़े-बड़े अपराध करने लगा। छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देने वाला कुलदीप धीरे-धीरे गुनाह की दुनिया का बड़ा नाम बन गया।

कुलदीप पर आरोप लगा था कि साल 2013 में उसने सुनील मान नाम के एक शख्स को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। साल 2014 में उसपर अलीपुर इलाके में विकास नाम के एक अन्य अपराधी पर गोली चलाने का आरोप भी लगा था। कुलदीप पर आरोप था कि उसने जनवरी, 2015 में बवाना के एक कारोबारी से आई-20 कार लूटी थी। फिर 21 जनवरी को आजादपुर सब्जी मंडी के पास विरोधी गिरोह के सदस्य दीपक उर्फ राजू की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

बताया जाता है कि कुलदीप फज्जा पर पुलिस की फाइलों में 70 से ज्यादा केस दर्ज हैं। साल 2015 में अलीपुर पुलिस ने कुलदीप फज्जा को गिरफ्तार किया था। यह भी बताया जाता है कि बाहरी दिल्ली के इलाकों में कुलदीप फज्जा और उसके गैंग के सदस्य काफी सक्रिय थे। उसके गैंग में छोटी उम्र के लड़के भी शामिल थे। यह गैंग कार चोरी के मामले में भी शामिल था।

कहा जाता है कि फज्जा गैंगस्टर गोगी उर्फ जितेंद्र मान का खास शार्प शूटर था। बताया जाता है कि मार्च 2020 में स्पेशल सेल ने इसको गैंगस्टर गोगी के साथ हरियाणा से गिरफ्तार किया था। तभी से यह मंडोली जेल में बंद था।

25 मार्च को कुलदीप को मंडोली जेल से इलाज के लिए लाया गया था, तभी उसके साथी बदमाशों ने पुलिस टीम की आंखों में मिर्च झोंककर उसे छुड़ा लिया था। इस बीच पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी जिसमे रवि नाम का बदमाश मौके पर ढेर हो गया था और अंकेश नाम के बदमाश को गोली लगी थी। जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। फज्ज़ा बाकी साथियों के साथ फरार हो गया था।

पुलिस ने बताया है कि भागने के बाद कुलदीप फज्जा रोहिणी सेक्टर 14 पहुंचा था। यहां वो जिम ट्रेनर योगेंद्र दाहिया के फ्लैट में छिपा हुआ था। कहा जा रहा है कि कुलदीप ने भागने से पहले अपने छिपने का स्थान तय कर लिया था। बता दें कि दिल्‍ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार की सुबह एक बड़ी कामयाबी मिली। इसी 25 मार्च को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से फिल्‍मी स्‍टाइल में भागने वाले गैंगस्‍टर कुलदीप उर्फ फज्जा को रोहिणी सेक्टर 14 के एक अपार्टमेंट में घेरकर मार गिराया गया।