इस कुख्यात गैंगस्टर के बारे में कहा जाता है कि वो नागपुर का सबसे अमीर डॉन रह चुका है। पुलिस की फाइलों में उसपर 13 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं और इसमें से 2 दुष्कर्म के मामले भी शामिल हैं। पुलिस के शिकंजे में आने से पहले संतोष आंबेकर के डॉन बनने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। संतोष आंबेकर पर भले ही नागपुर का सबसे अमीर और कुख्यात गैंगस्टर होने का तमगा लगा हो लेकिन एक वक्त था जब वो चाय बेचा करता था।
जी हां, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नागपुर के इतवारी की गलियों में संतोष चाय की दुकान चलाता था। यहां धीरे-धीरे उसकी सांठगांठ कुछ अपराधियों से हुई और फिर संतोष आंबेकर खुद जुर्म की राह पर चल पड़ा। बताया जाता है कि संतोष आंबेकर पर मर्डर, रंगदारी और गैंगवार समेत कई मामले दर्ज हैं।
चाय बेचने वाले से सबसे अमीर डॉन बनने का तमगा मिलने के बाद संतोष आंबेकर नागपुर में काफी चर्चित हो गया। ग्लैमरस लाइफ जीने वाले इस डॉन ने कई सालों तक पुलिस की नाक में दम कर रखा था। नागपुर के एक बिल्डर को पिस्तौल दिखाकर 65 लाख रुपए का हफ्ता मांगने के मामले में क्राइम ब्रांच ने डॉन संतोष आंबेकर सहित 5 आरोपियों को एक बार अरेस्ट किया था। आंबेकर के साथ उसके गैंग मेम्बर्स युवराज माथनकर, गौतम भटकर, आकाश बोरकर और संजय फातोडे को भी अरेस्ट किया गया था।
जब कुख्यात गैंगस्टर अरुण गवली पेरोल पर नागपुर जेल से बाहर निकले थे तब संतोष आंबेकर उनसे मिलने भी गया था। दोनों के मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। बताया जाता है कि एक बार संतोष का ही एक गुर्गे युवराज शो रूम से चमचमाती कार निकाल कर अपने बॉस को दिखाने पहुंचा था। संतोष आंबेकर ने उसी वक्त कार में आग लगा दी थी।
चाय बेचने वाले से गैंगस्टर बने संतोष आंबेकर के बारे में बताया जाता है कि उसके नेताओं से भी गहरे संबंध रहे हैं। संतोष आंबेकर को नागपुर के बीजेपी विधायक विकास कुंभारे की विजय रैली में भी देखा गया था। सबसे खास बात यह थी कि उस वक्त पुलिस को संतोष आंबेकर की तलाश थी। तीन बार मकोका के तहत पकड़े जा चुके इस गैंगस्टर ने काले धंधे से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। प्रशासन ने संतोष आंबेकर के कई अवैध निर्माणों पर कार्रवाई भी की है।

