कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कई बार कहा गया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बॉलीवुड कनेक्शन रहा है। कई बड़ी हस्तियों के दाऊद से मिलने की खबरें भी सामने आती रही हैं। आज बात एक ऐसी मशहूर बॉलीवुड शख्सियत की जिनके खाते में कई हिट फिल्में हैं। यह अभिनेता इस दुनिया में अब नहीं हैं लेकिन उनके प्रशंसक उन्हें आज भी याद करते हैं। हम बात कर रहे हैं दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की। अपनी राय बेबाकी से रखने के लिए मशहूर ऋषि कपूर ने एक बार खुद यह बताया था कि उनकी मुलाकात दाऊद इब्राहिम से हो चुकी है।
ऋषि कपूर ने अपनी जिंदगी के एक अहम राज का खुलासा करते हुए कहा था कि ‘जब वो स्कूल में थे तब उन्होंने कई लोगों से गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के बारे में सुना था। उस वक्त कई लोग दाऊद इब्राहिम से मिलने को काफी गर्व की बात मानते थे। स्कूल के दिनों में ऋषि कपूर ने दाऊद के बॉलीवुड कनेक्शन के बारे में भी सुना था।’
ऋषि कपूर ने अपनी किताब खुल्लमखुल्ला में लिखा कि वो 2 बार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से मिले थे। दाऊद से उनकी पहली मुलाकात साल 1988 में हुई थी। हालांकि, उस वक्त दाऊद इब्राहिम भगोड़ा नहीं था। उस वक्त ऋषि कपूर अपने एक दोस्त के साथ दुबई में “Asha Bhosle-RD Burman night” में शिरकत करने पहुंचे थे। दुंबई एयरपोर्ट पर दाऊद का एक गुर्गा उनके पास फोन लेकर आया और उनके हाथ में थमाते हुए बोला कि दाऊद उनसे बात करेंगे। इस सब से ऋषि कपूर हैरान रह गए थे।
उन्होंने फोन लिया तो लाइन पर सच में दाऊद था, जिसने ऋषि कपूर का स्वागत किया और कहा कि उन्हें किसी भी तरह की जरूरत हो तो वो बता सकते हैं। बाद में दाऊद ने ऋषि को अपने घर भी बुलाया। इस निमंत्रण पर ऋषि दाऊद के यहां पहुंचे थे। वहां पहुंचने पर उनका खुद दाऊद ने गर्मजोशी से स्वागत किया था।
ऋषि के मुताबिक दाऊद उस दौरान सफेद इटैलियन ड्रेस में था। उसने उनसे माफी मांगने के अंदाज में कहा कि मैंने चाय पर आपको इसलिए बुलाया है, क्योंकि मैं शराब नहीं पीता। चाय पीते हुए उन्होंने करीब चार घंटे तक बातचीत की। इस दौरान दाऊद ने ऋषि को बताया कि उसे उनकी फिल्म ‘तवायफ’ बहुत पसंद आई थी, क्योंकि उसमें ऋषि के किरदार का नाम दाऊद था।
इसके बाद साल 1989 में ऋषि कपूर की मुलाकात, दाऊद इब्राहिम से हुई थी। ऋषि अपनी बीवी नीतू के साथ दुबई में शॉपिंग कर रहे थे। एक लेबनीज स्टोर में वो जूते खरीदने गए। जहां दाऊद भी मौजूद था। उसके साथ आठ बॉडीगार्ड्स थे। हाथ में मोबाइल फोन था। इस बार भी दाऊद ने ऋषि को कुछ भी खरीदकर देने का ऑफर किया, लेकिन उन्होंने फिर मना कर दिया। उसके बाद दाऊद ने ऋषि को एक मोबाइल नंबर दिया, लेकिन ऋषि उसे अपना मोबाइल नंबर नहीं दे सके, क्योंकि तब तक भारत में मोबाइल फोन नहीं आए थे।
