आज एक ऐसे गैंगस्टर के बारे में हम आपको बताते हैं जिसने दाउद को मारने की प्लानिंग बना ली थी। कभी झोपड़ी में रहने वाले छोटा राजन ने मुंबई के अंडरवर्ल्ड में बड़ा नाम कमाया। कई अपराधिक मामले छोटा राजन पर दर्ज हुए। छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र सदाशिव निखलजे है। अंडरवर्ल्ड की दुनिया में छोटा राजन को ‘नाना’ या ‘सेठ’ भी कहा जाता है।

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साल 1960 में मुंबई के चेम्बूर की तिलक नगर बस्ती में जन्में छोटा राजन के बारे में कहा जाता है कि उसने महज 10 साल की उम्र में सिनेमा हॉल के पास टिकट ब्लैक करना शुरू किया था। इस काम के दौरान उसकी मुलाकात राजन नायर से हुई और राजन नायर गैंग में शामिल हुआ। कहा जाता है कि राजन नायर को जुर्म की दुनिया में बड़ा राजन कहा जाता था और राजेंद्र सदाशिव निखलजे उसका दाहिना हाथ बन गया जिसके बाद उसे छोटा राजन कहा जाने लगा।

दाउद के साथ किया काम

बताया जाता है कि डॉन दाउद इब्राहिम के साथ मिलकर छोटा राजन ने कई बार बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। छोटा राजन अरसे तक दाउद के लिए वसूली, हत्या, तस्करी और अन्य संगीन जुर्म में शामिल रहा। यह गैंगस्टर तिहाड़ जेल में बंद है।

दाउद से हुआ अलग

छोटा राजन और दाउद ने कई सालों तक मुंबई में राज किया। साल 1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट के बाद छोटा राजन, दाउद इब्राहिम से अलग हो गया। कहा जाता है कि जल्दी ही उनकी दुश्मनी इतनी बढ़ गई कि वो अब दोनों एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गये।

कहा जाता है कि इस दौरान दोनों एक-दूसरे को मारने का प्लान बनाते रहे। दाऊद ने छोटा राजन पर कई बार जानलेवा हमला करवाया, लेकिन वह बचता रहा। राजन पर हमले की बड़ी साजिश दुबई में दाऊद के खास शूटर शरद शेट्टी के घर में रची गई थी। साल 2000 में पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय बनकर आए दाऊद के लोगों ने बैंकॉक के एक होटल में राजन पर हमला कर दिया था।

बताया जाता है कि भारत में छोटा राजन पर 65 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज है। राजन नायर गैंग में रहते हुए उसके खिलाफ पहले से अवैध वसूली, धमकी, मारपीट और हत्या की कोशिश के मामले दर्ज थे। दाऊद के साथ आने के बाद उसका क्राइम ग्राफ बढ़ गया। भारत में उसके खिलाफ 20 से ज्यादा लोगों की हत्या के केस दर्ज हैं। सन 2011 में मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या में भी उसका हाथ माना जाता है।