मुंबई के कुर्ला रेलवे स्टेशन के पास के रेस्तरां से 43 वर्षीय लोन एजेंट का अपहरण करने के आरोप में कुर्ला पुलिस ने एक पूर्व क्रिकेटर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इन पांचों आरोपियों की पहचान पूर्व क्रिकेटर रॉबिन मॉरिस और ग्रेविन डिसूजा, अहमद अली अंसारी, एलेक्स मिरांडा और रूपेश भीमनी के रुप में हुई है।
पहले भी विवादों में रह चुका है यह खिलाड़ी: इन पांचों को पुलिस ने वर्सोवा से 30 नवंबर को उठाया था, उन्होंने लोन एजेंट को कथित तौर पर अगवा कर उसे वर्सोवा में मॉरिस के घर में कैद कर रखा था। रॉबिन मॉरिस (53) भारत के लिए लिस्ट ‘ए’ मैचों के साथ-साथ टी 20 मैच में भी खेले है। इससे पहले भी वह विवादों में रह चुके है। उन्हें भारत बनाम श्रीलंका, इंग्लैंड और भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सहित तीन क्रिकेट मैचों में सट्टेबाजी और पिच को बदलवाने की बात कहते हुए एक स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े गए थे। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने पिच फिक्सिंग में शामिल होने के दावों की जांच भी शुरू की थी।
3 करोड़ का लोन लेना चाहते थे मॉरिस : एक विस्फोटक बल्लेबाज और मध्यम गति के गेंदबाज के रूप में पहचान बनाने वाले रॉबिन मॉरिस ने 40 से अधिक भारत के लिए मैच खेले हैं। कुर्ला पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मॉरिस कुछ साल पहले 3 करोड़ रुपये का लोन लेना चाहते थे। अपने मित्र के माध्यम से शिकायतकर्ता (लोन एजेंट) के संपर्क में आए थे। लोन एजेंट ने मॉरिस के ऋण को मंजूरी देने के लिए कमीशन के रूप में 7 लाख रुपये की मांग रखी, और दोनों के बीच एक समझौते के बाद, मॉरिस ने उसे कमीशन राशि दे दी थी।
लोन एजेंट 5.5 लाख रुपये लौटा चुका था : वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्तात्रे शिंदे ने कहा कि शिकायतकर्ता ने कमीशन लिया लेकिन मॉरिस को 3 करोड़ रुपये का लोन नहीं दिला सका। मॉरिस लोन एजेंट को एक साल से अधिक समय से कमीशन की राशि वापस करने के लिए बोल रहे थे। पुलिस के अनुसार, लोन एजेंट ने मॉरिस को 5.5 लाख रुपये लौटा दिए थे। लेकिन वह बाकी रुपये वापस करने में देरी कर रहा था। अंत में मॉरिस ने अपने चार साथियों के साथ उसे कुर्ला के एक रेस्तरां में बुलाने का फैसला किया और जबरदस्ती लोन एजेंट को वर्सोवा ले गए।
1.5 लाख रुपए की कर रहे थे मांग: एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 43 वर्षीय लोन एजेंट के आने के बाद, मॉरिस और उनके दोस्तों ने उसे जबरदस्ती कैब में बैठा लिया और उसे वर्सोवा में अपने पूर्व निवास पर ले गए। फिर उन्होंने लोन एजेंट के परिवार के सदस्यों को कॉल कर बुलाया और शेष 1.5 लाख रुपये की मांग की। 1.5 लाख रुपये देनें के बजाय परिवारवालों ने हमसे संपर्क किया और हमने मामला दर्ज कर लिया। इसके साथ ही हमने मॉरिस के आवास पर एक टीम भेज उन्हें पकड़ लिया।
Hindi News Today, 05 December 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक
अपहरण का मामला दर्ज: बता दें कि पांचों आरोपियों पर अपहरण, आपराधिक धमकी, गलत तरीके से कैद रखने और वसूली के उद्देश्य से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सट्टेबाजी के मामले में मॉरिस को 2018 में स्टिंग कैमरा पर पकड़ा गया था, उन्हें गाले स्टेडियम में एक सहायक प्रबंधक को एक अंडरकवर रिपोर्टर को पेश करते हुए देखा गया था और उन्होंने डॉक्टरिंग पिच के बारे में बात की थी।
पिच बदलवाने का किया था दावा: 31 साल की उम्र में क्रिकेट छोड़ने वाले मॉरिस को कैमरे पर यह कहते हुए पकड़ा गया था कि उसका ग्राउंड्समैन के साथ अच्छा कनेक्शन है। वह उसके माध्यम से पिच भी ठीक करा सकता है। उसने अंडरकवर पत्रकारों को बताया कि मैच फिक्सिंग करने वालों से बड़ी रकम पाने के लिए गाले के ग्राउंड्समैन को भी उनके सामने पेश किया था।

