देश के मोस्ट वांटेड क्रिमिनलों की लिस्ट में दाऊद इब्राहिम का नाम शामिल है। मुंबई में हुए भयानक बम ब्लास्ट के बाद से देश की पुलिस दाऊद इब्राहिम की तलाश में है। दाऊद इब्राहिम ने कई सालों तक मुंबई पर राज किया। आज हम दाऊद इब्राहिम से जुड़े उस किस्से का यहां जिक्र कर रहे हैं जब वो लूटपाट मचाने के बाद पकड़ा गया था।
एक वक्त था जब मुंबई में हाजी मस्तान का नाम अंडरवर्ल्ड की दुनिया में सबसे ऊपर था। किसी बात से खफा दाऊद इब्राहिम, हाजी मस्तान से बदला लेना चाहता था। दाऊद इब्राहिम को उसके पंटरों ने सूचना दी थी कि करीब 4 लाख 75 हजार रुपए हाजी मस्तान के घर मालाबार हिल पहुंचाया जाने वाला है। दाऊद ने इस पैसे को लूटने की योजना बनाई।
अपने 8 लड़कों के साथ दाऊद ने इस लूटपाट की प्लानिंग की थी। रिवॉल्वर, लोहे की छड़ें और धारदार हथियार लेकर उस दिन इन लोगों ने ना सिर्फ उस पैसों के बैग से भरी टैक्सी को रोका बल्कि सारे पैसे लेकर फरार हो गये। लेकिन लूटपाट के अगले ही दिन दाऊद को यह पता चला कि लूट का यह माल हाजी मस्तान का नहीं था। यह बैंक का पैसा था और उसने बड़ी बैंक डकैती को अंजाम दिया था।
उस वक्त दाऊद इब्राहिम के पिता इब्राहिम कास्कर क्राइम ब्रांच में कॉन्स्टेबल थे। उन्हें इस लूटकांड की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई। जांच-पड़ताल के दौरान इब्राहिम कास्कर को जब यह पता चला कि इस बड़ी वारदात में उनका दूसरा बेटा दाऊद इब्राहिम शामिल है तब वो दंग रह गए थे।
कहा जाता है कि गुस्साए पिता ने उस वक्त दाऊद की बेल्ट से पिटाई की थी। इसके बाद वो उसे घर से घसीट कर थाने लाए और उससे गुनाह भी कबूल करवाया था। लूट का यह केस 15 साल तक अदालत में चला था। साल साल 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाऊद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
बता दें कि दाऊद इब्राहिम का जन्म 27 दिसंबर 1955 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हुआ था। वह मुंबई पुलिस के एक कॉन्स्टेबल शेख इब्राहिम अली कासकर का बेटा है, उसका पूरा बचपन मुंबई के डोंगरी इलाके की गलियों में बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते कई बार उसे भूखे पेट भी सोना पड़ा। बचपन में ही स्कूल छोड़ देने वाले दाऊद ने किशोर अवस्था में ही ड्रग्स सप्लाई, चोरी, लूटपाट इत्यादि करना शुरू कर दिया था।
