मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के दफ्तर पर BMC की कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि ‘कंगना कोई राजनेता नहीं है और उनके मुद्दे पर शिवसेना ने ही हवा दी है। आप कभी दाऊद इब्राहिम के घर को तोड़ने नहीं गए लेकिन कंगना का ऑफिस तोड़ने पहुंच गए।’ अब हम आपको बताते हैं कि आखिर मुंबई में मोस्ट वांटेड डॉन दाऊद इब्राहिम का वो कौन सा घर है जिसे तोड़ने की बात पूर्व मुख्यमंत्री कर रहे हैं।

दरअसल भेंडी बाजार में दाऊद इब्राहिम की अवैध संपत्ति है। यहां एक इमारत स्थित है जिसका नाम हाजी इस्माइल मुसाफिरखाना है। दाऊद इब्राहिम 1986 में इस इमारत के दूसरे फ्लोर पर रहा करता था। उसने पूरे फ्लोर पर ही कब्जा किया हुआ था। उसके बाद उसकी अम्मी अमीनाबाई ने यहां कब्जा किया।

बाद में टाडा कोर्ट ने इस पूरी संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया क्योंकि 1993 बम ब्लास्ट केस में दाऊद इब्राहिम भगोड़ा सिद्ध हो चुका था। इमारत की जर्जर हालत को देखते हुए दिसंबर 2019 में ही हाईकोर्ट ने इस इमारत को ध्वस्त करने की इजाजत दे दी थी। ये इमारत 80 साल पुराना है।

इतना ही नहीं इसी साल जून 2020 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC और महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) को फटकार लगाते हुए पूछा था कि उन्होंने भेंडी बाजार में स्थित जीर्ण-शीर्ण इमारत को क्यों नहीं ध्वस्त किया? हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उस वक्त चेताया था कि मानसून आने पर अगर ये इमारत या इसका कोई हिस्सा गिरता है तो इससे जानमाल की क्षति हो सकती है।

हालांकि कोर्ट से फटकार लगने के बावजूद भी BMC इस इमारत को अब तक तोड़ने की जहमत नहीं उठा पाई है। Saifee Burhani Upliftment Trust (SBUT) इस इमारत की देखरेख कर रही थी। ट्रस्ट ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस इमारत में रहने वाले किरायेदारों से मिलने वाले पैसों से इमारत की मरम्मती संभव नहीं है।

मुसाफिरखाना बिल्डिंग को अंडरवर्ल्ड आतंकी दाऊद इब्राहिम के भारत में अंतिम पते के रूप में जाना जाता है। वो यहीं पर रहा करता था। ये पकमोडिया स्ट्रीट के प्लाट नंबर 33 पर स्थित है।