‘यहां तक की भगवान भी मुझे नहीं पकड़ सकते’.. कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ‘खोपड़ी’ ने मुंबई पुलिस को कुछ इसी अंदाज में खुलेआम चैलेंज किया था। आज बात एक ऐसे अपराधी की जो शायद खुद को कानून से भी ऊपर समझने लगा था। उसकी यही भूल उसपर भारी पड़ गई और वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पप्पू हरिशचंद्र उर्फ खोपड़ी पर मुंबई के विभिन्न थानों में दर्जनों केस दर्ज थे। उसपर पोवई, साका नाका, एमआईडीसी और आर्रे में अलग-अलग केस दर्ज थे। मुंबई के पोवई इलाके का रहने वाला खोपड़ी साल 2013 से फरार था।
खोपड़ी किस कदर बेखौफ था इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि उसने अपने एक मुखबिर के जरिए पुलिस को सूचना भिजवाई थी कि ‘भगवान भी यहां तक कि मुझे नहीं पकड़ सकता पुलिस तो भूल ही जाए।’ खोपड़ी के इस चैलेज को पुलिस ने स्वीकार किया था। कहते हैं अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों ना हो, कानून की नजरों से वो ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकता।
इसी साल फरवरी के महीने में आखिरकार पुलिस ने खोपड़ी को धर दबोचा और उसके चैलेंज का मुंहतोड़ जवाब दिया था। उस वक्त मुंबई पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर उल्हास कोहल्म ने पुलिस को बताया था कि हमें अपने मुखबिरों से खोपड़ी के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि खोपड़ी एक डकैती की योजना बना रहा है। इस डकैती को रॉयल पाम इलाके में अंजाम दिया जाना था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाना शुरू किया।
पुलिस अधिकारियों की एक टीम सादे लिबास में रह कर लगातार खोपड़ी पर नजर रखने लगी। इसका नतीजा यह हुआ कि खोपड़ी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। खोपड़ी को दबोचने के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और कारतूस बरामद किया था। खोपड़ी पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

