Written by Sweety Adimulam , Sagar Rajput
Jaipur-Mumbai Train Firing Case: जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 31 जुलाई की तड़के एएसआई टीकाराम मीना और तीन यात्रियों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने वाले आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह की अपने सीनियर मीना के साथ बहस हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंह ने बीमार होने के चलते उनसे समय से पहले छुट्टी की मांग की थी। वहीं, ट्रेन के अन्य यात्रियों का दावा है कि चेतन सिंह ने कथित तौर पर जिन यात्रियों को गोली मारी उनसे कोई बहस नहीं हुई थी।
20 से ज्यादा सह-यात्रियों से इंडियन एक्सप्रेस ने की फोन पर बातचीत
बिहार के मधुबनी के असगर अब्बास अली, महाराष्ट्र के पालघर में नालासोपारा से अब्दुल कादर मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला और हैदराबाद के नामपल्ली से सैयद सैफुल्लाह वे तीन यात्री हैं जो कथित तौर पर आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह की सनक के शिकार हो गए। ये विवरण इंडियन एक्सप्रेस द्वारा कम से कम 20 उन यात्रियों के साथ फोन पर की गई बातचीत से सामने आए हैं जो जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस के उन कोचों में थे जहां हत्याएं हुई थीं।
गोलियों की आवाज से यात्रियों में खौफ, कुछ चादर में छिपे- किया सोने का नाटक
घबराई हालत और हाथों में राइफल लिए चेतन सिंह के डिब्बे से गुजरते वक्त गोलियों की आवाज सुनाई देते ही तमाम यात्री खौफ से भर गए थे। कुछ यात्रियों ने अपनी बर्थ पर सोने का नाटक किया, अन्य लोग चादरों के नीचे छिप गए। तेज रफ्तार ट्रेन में हुई सामूहिक हत्याओं की जांच कर रही बोरीवली सरकारी रेलवे पुलिस ने अधिकांश यात्रियों के बयान दर्ज किए हैं।
खौफनाक मंजर याद करते हुए दहल गए कोच बी-5 के एक यात्री
ट्रेन के कोच बी-5 में सफर करने वाले एक यात्री ने खौफनाक मंजर याद करते हुए कहा कि वह गोली चलने की आवाज सुनकर जाग गया। उन्होंने कहा, “कोच में ‘गोली चली’ की सुगबुगाहट हो रही थी। मैं उठा और थोड़ा झुककर बी-6 की ओर देखने लगा क्योंकि आवाज़ उधर से आई थी। जब मैंने देखा कि एक आरपीएफ जवान ने अपने सहकर्मी की हत्या कर दी है तो मैं स्तब्ध रह गया।” उन्होंने कहा कि कोच में हर कोई डर गया था और चादरों और कंबलों के नीचे छिप गया था।
10 मिनट में दूसरे शख्स की गोली मार कर हत्या, सदमे में थे सभी यात्री
उन्होंने कहा, “जैसा कि तड़के होता है, कोच में अंधेरा था और सन्नाटा था। जब वह हमारे पास से एक मार्ग (बी-6 और बी-5 के बीच) से दूसरे मार्ग (बी-5 और बी-4 के बीच) की ओर चला तो हम उसके कदमों की आवाज सुन सकते थे। लगभग 10 मिनट बाद, हमने एक और गोली चलने की आवाज सुनी जब उसने कोच बी-5 और बी-4 के बीच शौचालय के पास एक नागरिक (अब्दुल कादर मोहम्मद हुसैन भानपुरावाला) की हत्या कर दी थी।”
गोलीबारी की आवाज सुनकर डर से कंबल में दुबके रहे ज्यादातर यात्री
एक अन्य यात्री ने कहा कि वह इस घटना से अभी तक सदमे में है। उन्होंने कहा, “मैं सो रहा था जब मैंने अचानक गोलीबारी की तेज़ आवाज़ सुनी। यह बिल्कुल पटाखे जैसा ही था। मैं उठा और लोगों को यह कहते सुना कि गोलीबारी हुई है। अन्य यात्रियों ने मुझसे कहा कि जब तक यह ख़त्म न हो जाए, कंबल के नीचे छुपे रहो। मैंने वैसा ही किया और मीरा रोड के पास ट्रेन रुकने के बाद ही बाहर निकला।”
वापी स्टेशन पहुंचने तक तेज हो गई थी मीना और सिंह की बहस
एक 46 वर्षीय यात्री जिसे गुजरात के वापी रेलवे स्टेशन पर उतरना था, उन्होंने मीना और सिंह के बीच हुई बातचीत को याद किया। उन्होंने कहा कि वह सुबह करीब 3.45 बजे उठे थे। उन्होंने बताया, “क्योंकि ट्रेन को सुबह 4.05 बजे वापी पहुंचना था। तो मैं जाग गया। जब मैं ट्रेन के वापी रेलवे स्टेशन पहुंचने का इंतजार कर रहा था तो मैंने दो आरपीएफ जवानों को बहस करते हुए सुना। वे मेरी बर्थ के बगल में बैठे थे।” उन्होंने कहा कि एएसआई कांस्टेबल पर चिल्ला रहा था जबकि कांस्टेबल कहता रहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह वापी या वलसाड रेलवे स्टेशन पर उतरना चाहता है।
एएसआई और कांस्टेबल की बहस में तीसरा जवान भी शामिल था
उन्होंने कहा, “मैंने एएसआई को यह कहते हुए सुना कि उसने हाल ही में सूरत में अपनी ड्यूटी शुरू की है और वह उसे (सिंह को) इतनी जल्दी ड्यूटी से मुक्त करने की अनुमति कैसे दे सकता है। एएसआई ने दावा किया कि उसे अपने वरिष्ठों को उनकी शरारतों के लिए जवाब देना होगा। इस बीच, आरपीएफ का एक और जवान उनकी बातचीत में शामिल हो गया जिसके बाद उन्होंने किसी को बुलाया और मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे।” उन्होंने कहा कि जब वह उतर रहे थे तो उन्होंने देखा कि सिंह असहज लग रहे थे और शौचालय के पास अपने पैर फैला रहे थे।
कोच एस-6 में गोली चलाने से पहले चेतन सिंह ने की थी शेख से बात
कोच एस-6 में, जहां असगर अब्बास शेख की हत्या हुई थी एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने कहा कि गोली चलाने से पहले सिंह ने शेख से बात की थी। उन्होंने कहा, “मैं अपना सामान हटा रहा था जब मैंने कांस्टेबल को उससे बात करते देखा। मुझे नहीं पता कि वे किस बारे में बात कर रहे थे। उसके बाद, कांस्टेबल शौचालय की ओर चला गया।” उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना सामान उतार दिया था और दरवाजे के पास रख दिया था और ट्रेन के बोरीवली पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक सिंह असगर की सीट पर गए और उन्हें गोली मार दी।
पूरी यात्रा के दौरान शांति से बैठा रहा था असगर, पता नहीं क्यों गोली मारी
उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आया कि उसे गोली क्यों मारी गई क्योंकि पूरी यात्रा के दौरान उस आदमी (असगर) ने किसी से लड़ाई नहीं की और शांति से बैठा रहा।” एस-6 में अन्य यात्रियों ने भी कहा कि सिंह के पास शेख पर गोली चलाने का कोई कारण नहीं था। माटुंगा रेलवे वर्कशॉप में काम करने वाले एक यात्री ने कहा कि वह शेख की बगल वाली बर्थ पर सो रहा था। उन्होंने कहा कि गोलीबारी की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली।
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पहले लगा बिजली की चिंगारी, बाद में खून से लथपथ पड़ा हुआ आदमी दिखा
उन्होंने कहा, “शुरुआत में, मुझे लगा कि शोर बिजली की चिंगारी से था। लेकिन जब मैंने अपनी (ऊपर की) बर्थ से झाँक कर देखा तो नीचे एक आदमी खून से लथपथ पड़ा हुआ था। मैं केवल कांस्टेबल की पीठ और उसके पैर के नीचे एक शरीर देख सकता था। अन्य लोग उनका कुछ कहते हुए वीडियो बना रहे थे, जिसे मैं ठीक से नहीं सुन सका।” उन्होंने कहा कि एक महिला यात्री छिपने के लिए उनके डिब्बे में आई थी, उसने उन्हें बताया कि सिंह ने अन्य यात्रियों से उनका वीडियो शूट करने के लिए कहा था।
बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वीडियो, गूंजा विवादित बयान
वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें सिंह को यह कहते हुए सुना गया, “पाकिस्तान से ऑपरेट हुए ये, और मीडिया यही कवरेज दिखा रही है, उनको सब पता चल रहा है ये क्या कर रहे हैं… अगर वोट देना है, अगर हिंदुस्तान में रहना है तो मैं कहता हूं मोदी और योगी, यही दो हैं।” यात्री ने कहा, “मीरा रोड और दहिसर रेलवे स्टेशनों के बीच रुकने के बाद सिंह ट्रेन से उतर गए। बोरीवली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही सभी यात्री भी उतर गए।”
