हम लगातार अपनी इस सीरिज में ईमानदार और बहादुर अफसरों की सच्ची कहानियां आपके लिए लाते हैं। आज बात एक ऐसे आईपीएस अधिकारी कि जिसने लालू प्रसाद यादव, पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम समेत कई बड़ी हस्तियों के खिलाफ निर्भीक होकर जांच की थी। हम बात कर रहे हैं आईपीएस करनाल सिंह की। साल 1984 बैच के आईपीएस अफसर ने Enforcement Directorate (ईडी) में अपनी सेवा देते हुए कई बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच की। एजेंसी में रहते हुए अपने बेहतरीन कामों की वजह से ही उन्हें 28 अक्टूबर, 2016 को ईडी का चीफ बनाया गया था।
उनके कार्यकाल के दौरान ईडी ने कई ऐसे बड़े काम किये जिनकी चर्चा आज भी होती है। उन्होंने Prevention of Money-Laundering Act और Foreign Exchange Management Act के तहत कई बड़े कारनामों को अंजाम दिया।
बड़ी हस्तियों के खिलाफ जांच की
अपने कार्यकाल के दौरान अफसर करनाल सिंह ने 2जी स्कैम, कोयला घोटला, नेशनल हेराल्ड केस, विजय माल्या स्कैम, हसन अली स्कैम, एयरसेल-मैक्सिस और आईएएनएक्स मीडिया जैसे चर्चित केसों पर काम किया। आईएनएक्स मीडिया केस में देश के पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम का नाम भी उछला था। इसके अलावा पीएनबी स्कैम में नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चौकसी की भूमिका की जांच भी करनाल सिंह ने की थी।उनके कार्यकाल में पहली बार राजनीतिज्ञों में ताबड़तोड़ एक्शन हुआ था और यह कार्रवाई काफी चर्चा में रही। करनाल सिंह को ईडी की ताकत बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने जांच एजेंसी के कर्मचारियों की संख्या 700 से 1033 की थी।
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आतंक पर कसा नकेल
लश्कर ए तैयबा के इशारे पर अहले हदीस के अब्दुल करीम टुंडा ने 1996-97 में दिल्ली और आसपास के इलाकों में 42 बम धमाके कर आतंक मचा दिया था। उस वक्त डीसीपी के पद पर तैनात करनाल सिंह के नेतृत्व में अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार, एसीपी रविशंकर आदि की टीम ने कई महीने तक कड़ी मेहनत कर 8 पाकिस्तानी समेत 26 आतंकियों को गिरफ्तार कर बम धमाकों के 42 मामले सुलझाए थे।
कांग्रेस नेता को लगाई फटकार
इतना ही नहीं यह भी बताया जाता है कि एक बार कांग्रेस के नेता रहे जगदीश टाइटलर ने जमीन कब्जा करने वाले पहलवानों की मदद करने के लिए करनाल सिंह से कहा था लेकिन आईपीएस अधिकारी ने इससे इनकार कर दिया। कहा जाता है कि इसके बाद जगदीश टाइटलर और करनाल सिंह के बीच बहस हो गई थी और अफसर ने कांग्रेस नेता को फटकार भी लगाई थी। टाइटलर इसकी शिकायत करने पुलिस कमिश्नर निखिल कुमार के दफ्तर भी पहुंच गये थे।
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दिल्ली के शाहदरा गांव के महराम मौहल्ले के रहने वाले करनाल सिंह दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक और कानपुर से एमटेक के बाद आईपीएस अफसर बने। पुलिस में रहते हुए एल एल बी और एमबीए भी किया। बहादुरी, पेशेवर काबिलियत और कड़ी मेहनत से अपनी छाप छोड़ने वाले करनाल सिंह सही मायने में सुपर कॉप हैं।
