धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच का सामना कर रहे वधावन बंधुओं को ‘लॉकडाउन पिकनिक मनवाने’ के आरोप में जिस आईपीएस अफसर को हटाया गया था अब उन्हें पुणे पुलिस का चीफ बनाया गया है। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता जब महाराष्ट्र गृह विभाग में तैनात थें तब उस दौरान उन्होंने कपिल वधावन और धीरज वधावन को लॉकडाउन के दौरान मुंबई से महाबलेश्वर जाने की अनुमति दी थी। यह वाकया अप्रैल महीने का है। कोरोना वायरस से जारी जंग के दौरान अप्रैल में महाराष्ट्र में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था। यहां यह भी बता दें कि वधावन बंधु Dewan Housing Finance Limited (DHFL) के प्रोमोटर्स हैं और डीएचएफएल पर धोखेबाजी का आऱोप है।

इस घटना के बाद अमिताभ गुप्ता को Compulsory Leave पर भेज दिया गया था। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान वधावन बंधुओं को जो परमिशन लेटर दिया था उसमें लिखा था कि ‘वधावन बंधु उन्हें जानते हैं और वो उनके पारिवारिक मित्र हैं। वो लोग खंडाला से महाबलेश्वर की यात्रा कर रहे हैं। इसमें वधावन बंधुओं के अलावा उनके परिवार के सदस्य, घर के कूक और हेल्पर का भी जिक्र किया गया था। बताया गया था कि यह सभी लॉकडाउन के दौरान 180 किलोमीटर की यात्रा 2 रेंज रोवर और तीन फॉरच्यूनर के जरिए करेंगे।

लॉकडाउन के दौरान दिये गये इस परमिशन के बाद इसकी जांच बैठा दी गई थी। इस जांच का नेतृत्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनोज शौनिक कर रहे थे। बहरहाल अब अमिताभ गुप्ता पुणे के पुलिस कमिशनर बना दिये गये हैं। वो यहां के पुलिस कमिशनर के वेंकटेश्वम से पदभार लेंगे। के वेंकटेश्वर का ट्रांसफऱ अब स्पेशल ऑपरेशन्स में एडीजी के पद पर किया गया है।

वधावन बंधु फिलहाल जेल में बंद हैं। इन दोनों की यात्रा के बारे में जब जानकारी मिली थी तब महाबलेश्वर में उन्हें हिरासत में लिया गया था। इनके खिलाफ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। इधर अमिताभ गुप्ता को पुणे पुलिस कमिशनर बनाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि वो इस मुद्दे पर शांत नहीं बैठेंगे औऱ प्रदर्शन करेंगे।