आज बात एक ऐसे आईएएस अफसर की जो बैकबैंचर रहा और फिर उसने IAS की परीक्षा पास की थी। बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले कुमार अनुराग की सफलता की कहानी यूपीएससी या किसी अन्य परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। कुमार अनुराग की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बिहार के ही एक साधारण हिंदी मीडियम स्कूल से हुई और फिर उन्हें दसवीं की पढ़ाई के लिए उन्हें शहर आना पड़ा। अनुराग ने शुरू से हिंदी मीडियम में पढ़ाई की थी और शहर में आने के बाद उनका अंग्रेजी मीडियम में दाखिला हुआ और उन्हें अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने में काफी परेशानी हुई थी।

अनुराग बारहवीं के प्री बोर्ड में फेल हो गये थे। हालांकि इसके बाद उन्होंने मेहनत की और 90 प्लस स्कोर किया था। अनुराग ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री दिल्ली विश्ववियालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से हासिल की थी। अपने कॉलेज के दिनों के बारे में अनुराग बताते हैं की वे हमेशा ही बैकबैंचर थे और टॉपर्स के नोट्स फोटोकॉपी करा कर पढ़ते थे। कई बार बैक आने के बाद उनकी डिग्री पूरी हुई थी। हालांकि, इन सभी नाकामियों को अनुराग ने कभी अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से MA की डिग्री भी पूरी की।

कॉलेज में कई बार बैक लगने और बैकबेंचर लगने के बाद अनुराग ने अपनी गलतियों से सीख ली और मन लगाकर पढ़ाई की तथा अपना एटीट्यूड बदला। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने नोट्स बनाए, खूब मेहनत की और कई मॉक टेस्ट दिए। आपको बता दें की अनुराग ने अपने पहले प्रयास में भी UPSC परीक्षा को पास कर लिया था।

परन्तु कम स्कोर होने के कारण उन्हें 677वीं रैंक मिली थी। अनुराग अपने लक्ष्य को ले कर क्लियर थे और इसलिए उन्होंने अगले साल एक बार फिर परीक्षा दी। अपनी पिछले साल की गलतियों से सीख ले कर इस साल अनुराग ने कड़ी मेहनत की और 2018 की सिविल सेवा परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की।