वकालत में डिग्री हासिल करने के बावजूद सौम्या शर्मा वकील नहीं बल्कि IAS बनकर देश की सेवा करना चाहती थीं। सौम्या ने सिर्फ चार महीने की तैयारी से ही देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC एग्जाम क्लियर कर लिया था। सौम्या को साल 2017 में 9वीं रैंक प्राप्त हुई थी। नेशनल लॉ स्कूल में वह ग्रेजुएशन के पांचवे साल में थीं और इस दौरान ही उन्होंने UPSC एग्जाम देने का मन बनाया था।
मेन्स की परीक्षा से पहले सौम्या शर्मा ने होस्टल से अपने घर जाने का फैसला किया था क्योंकि इसके लिए उन्हें और भी ज्यादा मेहनत करनी थी। हर शनिवार और रविवार वह वापस अपने घर चली जाती थीं। यहां वह IAS बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत करती थीं और कुछ सेल्फ-स्टडी के लिए नोट्स भी बनाती थीं। मेन्स एग्जाम से कुछ दिन पहले, वह बीमार हो गई थीं।
दाहिने हाथ की मांसपेशियों में ऐंठन के कारण लिखने में भी उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी। इस स्थिति में सौम्या ने अपना पूरा एग्जाम दिया जो किसी भी कैंडिडेट के लिए मुश्किल समय होता है। यहां तक कि एग्जाम से पहले वह ठीक से रिवीज़न भी नहीं कर पाई थीं और ठीक से नींद भी नहीं ले पाई थीं क्योंकि उन्हें तेज बुखार हो रहा था।
सौम्या के माता-पिता पेशे से डॉक्टर हैं और वह इस मुश्किल समय में उनकी पूरी तरह मदद कर रहे थे। आमतौर पर कैंडिडेट्स के लिए ये स्थिति बहुत मुश्किल होती है, लेकिन वह इस दौरान भी नहीं रुकीं और लगातार अपनी तैयारी पर ध्यान देती रहीं।
सौम्या ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘अगर आप यूपीएससी में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो सही गाइडेंस लेना काफी जरूरी है. अगर आपको लगता है कि आपके पास यूपीएससी की तैयारी से संबंधित बेहतर जानकारी और गाइडेंस नहीं है, तो कोचिंग जॉइन कर सकते हैं. अगर आपके पास सही नॉलेज है, तो कोचिंग के बिना भी तैयारी कर सकते हैं. चाहे आप कोचिंग जॉइन करें या नहीं, लेकिन सेल्फ-स्टडी सबसे जरूरी होती है.’

