IAS आशीष दाहिया की मौत जिन परिस्थितियों में हुई वो आज भी किसी मिस्ट्री से कम नहीं। साल 2016 बैच के आईएएस अधिकारी साल 2017 में दिल्ली के एक स्विमिंग पूल में मृत मिले थे। उस वक्त पुलिस ने कहा था कि आशीष दाहिया ने अपने बैचमेट्स के साथ दिल्ली के वसंत विहार स्थित Foreign Service Institute में पार्टी की थी। इस पार्टी में आईएएस, आईआरएस और आईएफएस अधिकारी भी शामिल थे। उनकी मौत के बाद पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश या आशंकाओं से इनकार कर दिया था।

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हालांकि आशीष दाहिया के परिवार के सदस्यों ने इस मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। परिवार के सदस्यों का कहना था कि आशीष एक बेहतरीन तैराक थे और ऐसे में स्विमिंग पूल में उनकी मौत बेहद संदेहास्पद है। पुलिस ने बताया था कि यह स्विमिंग पूल 6-8 फीट गहरा था।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि उस दिन करीब 10 लोग स्विमिंग पूल में उतरे थे। हालांकि उस जगह को लेकर 2 अलग-अलग बातें सामने आती रही है। कुछ लोगों का कहना है कि एक महिला और दाहिया स्विमिंग पूल में डूबते नजर आए थे जिसके बाद एक शख्स उनकी जान बचाने के लिए स्विमिंग पूल में कूदा था। जबकि कुछ लोग यह भी कहते हैं कि दाहिया पूल में महिला को बचाने के लिए कूदे थे।

उस वक्त प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया था कि स्विमिंग पूल में दाहिया नजर नहीं आए औऱ फिर उनकी डेड बॉडी पानी पर तैरती नजर आई। कुछ अधिकारियों ने उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

31 साल के आशीष दाहिया 2016 में आईएएस के लिए सिलेक्ट हुए थे। उन्होंने एक हफ्ते पहले ही मसूरी के आईएएस एकेडमी में ट्रेनिंग पूरी की थी। एक जून से वह जम्मू-कश्मीर में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर ज्वाइऩ करने वाले थे। आशीष हिमाचल प्रदेश में बतौर डीएसपी तीन साल काम कर चुके हैं। वह आईएएस बनना चाहते थे, इसलिए यूपीएससी का एग्जाम दिया। वे पहली बार आईआरएस बने। कस्टम और सेंट्रल एक्साइज में असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर काम किया। दोबारा यूपीएससी एग्जाम दिया और 53वीं रैंक हासिल की थी। दिल्ली में आईएएस ट्रेनिंग के दौरान भी आशीष ने पूरे बैच में गोल्ड मेडल जीता।

आशीष दहिया हरियाणा राज्य के सोनीपत में खरखौदा क्षेत्र स्थित मटिंडू गांव के रहने वाले थे। उनकी मौत के बाद उनके परिजनों का कहना था कि आशीष काफी अच्छे तैराक थे। वे एक बार हिमाचल में भाखड़ा नंगल डैम तैर कर पार कर चुके थे। पुलिस की थ्योरी के बावजूद कई लोग इस मौत को आज भी एक मिस्ट्री मानते हैं।