Delhi Gang Rape 2012: सभी दोषियों के डमी को आज (18 मार्च, 2020) की सुबह फांसी पर लटका दिया गया है। इससे पहले पवन जल्लाद मंगलवार (17 मार्च, 2020) को तिहाड़ जेल पहुंचा था। तिहाड़ जेल प्रशासन के सामने दोषियों के डमी को फांसी पर लटका कर सभी तैयारियों का जायजा लेने के बाद अब शुक्रवार (20 मार्च, 2020) को मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी।
इस भयानक रेप कांड के दोषियों का यह चौथा डेथ वारंट है जिसको लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन ने अपनी तरफ से सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। आपको बता दें कि डमी फांसी के दौरान सभी दोषियों के वजन के बराबर अलग-अलग बोरे को रस्सी से लटकाया जाता है ताकि रस्सी की मजबूती की जांच की जा सके। बोरे में रेत या ईंट भरकर उसे लटकाने की इस प्रक्रिया को रिहर्सल भी कहते हैं।
इधर फांसी पर लटकाए जाने से पहले अक्षय ने एक बार फिर नया कानूनी दांव चला है। अक्षय ने तिहाड़ जेल प्रशासन को अपनी नई दया याचिका दी है। साथ ही साथ उसने प्रशासन से गुहार लगाया है कि उसकी याचिका राष्ट्रपति तक पहुंचा दी जाए। दोषी पवन ने भी अपने वकील के जरिए ‘सुप्रीम’ अदालत में फिर से क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है।
इतना ही नहीं इन सभी दोषियों ने अपने वकील एपी सिंह की मदद से इंटरेनशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दरवाजा भी खटखटाया है और मांग की है कि उनकी याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाए। हालांकि फांसी से पहले ICJ में इनकी याचिका पर सुनवाई हो पाएगी ऐसी उम्मीद कम ही है।
मंगलवार को दोषी मुकेश की एक याचिका पर दिल्ली की एक अदालत में सुनवाई भी हुई। उसकी तरफ से कहा गया था कि वो वारदात के दिन दिल्ली में मौजूद ही नहीं था। उसने कहा था कि उसे पुलिस राजस्थान से पकड़ कर लाई थी। हालांकि दिल्ली की अदालत में उसकी याचिका खारिज हो चुकी है। इधर इनमें से एक अन्य दोषी अक्षय ठाकुर की पत्नी ने परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की है।
न्यायधीश रामलाल शर्मा की अदालत में दायर की गई इस अर्जी में दोषी की पत्नी ने उल्लेख किया है कि उसके पति को रेप मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें फांसी दी जानी है। हालाकि उसने अपने पति को निर्दोष बताते हुये कहा है कि फांसी के बाद उनकी विधवा बनकर वह नहीं रहना चाहती हैं इसलिए उसे अपने पति से तलाक चाहिये।
