गुजरात के पंचमहाल जिले दिल दुखाने वाली घटना सामने आई है, यहां गोधरा शहर में शुक्रवार तड़के लगी भीषण आग में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब परिवार वलसाड ज़िले के वापी शहर में बेटे देव की सगाई समारोह के लिए निकलने की तैयारी कर रहा था। मृतकों में ज्वेलर कमल दोशी, उनकी पत्नी देवल तथा दोनों बेटे देव और राज शामिल हैं। सभी के शव गोधरा के बमरौली रोड स्थित उनके घर से बरामद किए गए।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग रात में उस समय लगी जब परिवार गहरी नींद में था। दमकल विभाग ने बताया कि आग का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन आशंका है कि घर के बेसमेंट में रखा गद्देदार सोफ़ा आग का स्रोत हो सकता है। यह आग धीरे-धीरे फैलकर पूरे घर में धुआं भरने का कारण बना।
हादसे के समय पड़ोसियों ने धुआं उठता देख तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घर की खिड़कियों के शीशे तोड़े ताकि धुआं बाहर निकल सके। जब वे अंदर पहुंचे, तो ऊपरी मंज़िलों पर चारों सदस्यों के शव मिले जो धुएं और कालिख से ढके हुए थे।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। मृतकों कमल दोशी (50), देवल (45), देव (24) और राज (22) के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और आग के कारणों की जांच जारी है।
कमल दोशी गोधरा में वर्धमान ज्वेलर्स के मालिक थे। घटना से परिजन और रिश्तेदार सदमे में हैं। एक रिश्तेदार ने हमारे सहयोगी वेबसाइट द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमें विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा हो गया है। काश यह एक बुरा सपना होता जिससे हम जाग जाते। हमें वापी जाना था… पूरा परिवार सदमे में है।”
मामले में दमकल अधिकारी मुकेश आहीर ने बताया, “घर की सभी खिड़कियां और दरवाज़े बंद थे। इसी कारण धुआं पूरे घर में भर गया। संभावना है कि नींद में होने के कारण चारों सदस्य बाहर निकल नहीं पाए और दम घुटने से उनकी जान चली गई।” हालांकि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आग लगी कैसे, वो भी सगाई के लिए निकलने से ठीक पहले। आस-पास को लोग भी घटना से हैरान है, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। स्कूल देरी से पहुंची छात्रा, पीठ पर बैग रखकर 100 उठक बैठक की सजा पूरी करने के बाद हो गई मौत, शिक्षिका गिरफ्तार- पूरी कहानी
