मध्य प्रदेश में एक नाबालिग आदिवासी लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गई। अब पीड़ित लड़की के परिवार वालों का आरोप है कि उनकी बेटी का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस वालों ने उनसे 5000 रुपए मांगे। जब उन्होंने पैसे देने में अपनी असमर्थता जताई तब पुलिस वालों ने उनकी बेटी का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया।

अपनी शिकायत में पीड़ित परिवार ने कहा है कि 18 जनवरी की रात उनकी 17 साल की बेटी अचानक घऱ से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी घरवालों को लड़की के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका। इसके बाद 25 जनवरी को उनकी नाबालिग बेटी की लाश मिली। शव की हालत काफी खराब थी। जिस इलाके से उनकी बेटी का शव मिला था वहां शराब की बोतलें, पानी और गुटखा के पैकेट पड़े थे।

अपनी शिकायत में लड़की के घरवालों ने कहा कि उस इलाके के पुलिस इन-चार्ज ने उनकी बेटी की डेड बॉडी ले जाने के लिए उनसे 3,000 रुपए मांगे। डेड बॉडी के लिए गाड़ी मंगाने के एवज में उनसे 1,000 रुपए लिए गए जबकि पुलिस इन-चार्ज ने उनसे बाकी रकम बाद में देने के लिए कहा। इसके बाद उनसे 5000 रुपए पोस्टमार्टम कराने के लिए मांगे गए लेकिन जब वो पैसे नहीं दे पाए तो पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही उनकी बेटी का मृत शरीर उन्हें सौंप दिया।

अब इस मामले में पुलिस ने बीते रविवार को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किये जाने की पुष्टि हुई है। बहरहाल इस बेहद ही संवदेनशील मामले में आरोपी पुलिस वाले ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में 31 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई गई है और पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि भी हुई है।

इस मामले में अब राज्य की सियासत भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। इधर कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वो एक लड़की की मौत पर सियासत कर रही है।