उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ ट्वीट करने का मामला गर्माया हुआ है। पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह पर भी उन्नाव समत कई अन्य जगह छह केस दर्ज हो चुके हैं। आरोप है कि सूर्य प्रताप सिंह ने फर्जी ऑडियो क्लिप ट्विटर पर शेयर की थी, जिससे सरकार की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। अब ऐसे ही मामले में यूपी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
इंडिया टुडे के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आशीष पांडे और हिमांशु सैनी के रूप में हुई है और दोनों पहले सीएम योगी का पीआरओ संभालने वाली टीम का हिस्सा थे। दोनों के पास सरकार के सोशल मीडिया की जिम्मेदारी थी। दरअसल ये पूरा मामले एक ऑडियो क्लिप से जुड़ा हुआ है। आरोपियों ने ये ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर की थी।
आरोप है कि आरोपियों द्वारा शेयर की गई ऑडियो क्लिप से ये साबित करने का प्रयास किया गया है कि सीएम योगी के पक्ष में ट्वीट करने पर 2 रुपए प्रति ट्वीट के हिसाब से पैसे मिलते हैं। आरोपी इन ऑडियो क्लिप के सहारे सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि अब मौके पर इन्हें पकड़ लिया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पटना के एक 15 वर्षीय किशोर से पहले फोन पर बात की, उसके बाद उनका ऑडियो एडिट करने के बाद वायरल कर दिया। आरोपियों ने ऑडियो में ये साबित करने का प्रयास किया कि सीएम के पक्ष में ट्वीट करने पर दो रुपए मिलते हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एक अन्य मामले में दोनों के खिलाफ क्राइम ब्रांच टीम द्वारा भी जांच की जा रही है।
दूसरी तरफ सूर्य प्रताप सिंह से भी उन्नाव पुलिस ने पूछताछ की थी। लखनऊ स्थित उनके आवास पर पहुंकर पुलिस ने 45 मिनट तक पूछताछ की। सूर्य प्रताप सिंह अपना मामला लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। उन्नाव पुलिस ने कहा कि उन्होंने सिंह से पूछताछ की है जो कि कानून और हाईकोर्ट के आदेश के दायरे में रहकर ही की गई है।
