Delhi Gangrape 2012: बहुचर्चित 2012 दिल्ली गैंगरेप केस में शुक्रवार की सुबह न्याय हुआ और सभी दोषियों को फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया। 7 साल से ज्यादा समय तक इस मामले के यह चारों दोषी पवन, अक्षय, विनय और मुकेश जेल में कैद रहे। इस दौरान जेल में रहते हुए उन्होंने जेल के अंदर तय मैन्युअल के हिसाब से काम-धाम भी किया और पैसे भी कमाए। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोषियों ने इस दौरान करीब 1.37 लाख रुपए कमाए। लेकिन अब इन चारों की मौत की सजा पर अमल किया जा चुका है। तो सवाल यह है कि इन पैसों का हकदार कौन होगा?
बताया जा रहा है कि यह पैसे दोषियों के परिवार वालों को दिये जाएंगे। इसके अलावा इनके कपड़े और सामान भी इनके घरवालों को सौंपे जाएंगे। आपको बता दें कि जेल में काम करते हुए अक्षय ने 69 हजार रुपए, पवन ने 29 हजार रुपए तथा विनय ने 39 हजार रुपए कमाए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुकेश ने इस दौरान कोई काम नहीं किया था।
आपको बता दें कि सात साल 3 महीने और तीन दिन पहले यानी 16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली में हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में कुछ 6 लोगों को उस वक्त पकड़ा गया था। इनमें से एक दोषी नाबालिग था जिसने अपनी सजा बाल सुधार गृह में कांटी। इसके अलावा एक अन्य कैदी ने जेल में आत्महत्या कर ली थी। जबकि 4 अन्य दोषियों को शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे फांसी दी गई। फांसी से पहले सभी दोषियों के चेहरे पर खौफ भी साफ दिखा। दोषी फांसी से पहले की रात सो भी नहीं सके।
फांसी के वक्त और उसके बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल के बाहर लोग खुशी मनाते हुए नजर आए। लोग एक दूसरे को मिठाइयां बांट रहे थे। पीड़िता के परिजनों ने भी दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद संतोष जताया है। पीड़िता की मां ने कहा कि न्याय की जीत हुई है। कोर्ट ने चौथी बार सभी दोषियों का डेथ वारंट जारी किया था जिसपर अमल किया गया है।

