Citizenship Amendment Act Protests: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महिलाओं का विरोध कई जगहों पर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में देवबंद के ईदगाह मैदान में भी महिलाएं अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गई हैं। यहां महिलाओं का विरोध प्रदर्शन करीब 11 दिनों से जारी है। बीते गुरुवार को इस प्रदर्शन के दौरान उस वक्त अजीबोगरीब मंजर देखने को मिला जब इन महिलाओें ने उनसे बातचीत करने के लिए आए सरकार द्वारा भेजे गए ‘दूत’ पर चूड़ियां फेंक कर उन्हें खदेड़ दिया।
दरअसल यहां चल रहे धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने एक प्रतिनिधिमंडल बनाया था। इस प्रतिनिधि मंडल को यह जिम्मा सौंपा गया था कि वो धऱनास्थल पर जाकर धरना पर बैठी महिलाओं से बातचीत करें तथा धरने को खत्म कराएं। इस डेलिगेशन में नगर के पूर्व विधायक माविया अली, चेयरमैन जियाउद्दीन अंसारी और बुद्धिजीवी वर्ग के कई लोग भी शामिल थे।
गुरुवार को यह डेलिगेशन महिलाओं से बातचीत करने के लिए यहां आया था। लेकिन बातचीत के दौरान महिलाएं नाराज हो गईं। नाराज महिलाएं अचानक इस डेलिगेशन पर चूड़ियां फेंकने लगीं और फिर उन्हें वहां से खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं ने ‘गो बैक’ के नारे भी लगाए।
हालांकि यहां प्रशासन ने लिखित रूप से प्रदर्शनकारियों को नोटिस भेजा है कि वो धरना खत्म करें। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि जब देश में एनआरसी लागू नहीं हो रहा तो फिर इस मुद्दे पर धरना नहीं होना चाहिए।
इधर अलीगढ़ के दिल्ली गेट थानाक्षेत्र स्थित ईदगाह के नजदीत धरने पर बैठे 1,000 लोगों को यहां प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन ने इन्हें 7 दिनों के अंदर यह धरना खत्म करने या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की सख्त चेतावनी दी है। यहां भी धरना दे रहे लोगों में ज्यादातर महिलाएं ही हैं। प्रशासन ने इनसे पूछा है कि निषेधाज्ञा के उल्लंघन के मामले में क्यों ना उनपर कार्रवाई की जाए।
आपको बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में भी इस कानून के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन चल रहा है। कई दिनों से यहां महिलाओं इस कानून को वापस लेने की मांग करते हुए यहां धरने पर डटी हैं। इस धरने की वजह से शाहीनबाग और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। इस धरने को खत्म कराने की कई कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं।
