बिहार के दरभंगा जिले में मजदूरी मांगने पर एक मजदूर की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने मजदूर के शव को पानी से भरे चौर में फेंक दिया। मृतक का नाम सुरेंद्र सदा बताया जा रहा है। पानी में सुरेंद्र का शव मिलने के बाद गांव में हंगामा मच गया। सुरेंद्र की पत्नी ने इस मामले में सुनील राय औऱ बौकू उर्फ नरेश मांझी नाम के 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। यह घटना बिरौल थाना क्षेत्र के मनोर भौराम पंचायत के अंबा मालेनगर की है। 50 साल के मृतक सुरेंद्र की पत्नी मुन्नी देवी का कहना है कि उनके पति सुनील राय के धान के खेत में काम करते थे। गुरुवार को सुरेंद्र खेत के मालिक से पैसे मांगने गए थे।
मजदूरी नहीं मिलने पर मालिक के साथ वहां सुरेंद्र का विवाद हो गया। इसके बाद सुरेंद्र घर वापस आ गये। पत्नी के मुताबिक इसी दिन देर शाम खेत मालिक के खास बौकू उर्फ नरेश मांझी उनके घर पहुंचे और खाने-पीने की बात कह कर उनके पति को घर से बुलाकर ले गये। देर रात तक सुरेंद्र के वापस नहीं होने पर स्वजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन, कोई जानकारी नहीं मिली। पत्नी का आरोप है कि मजदूरी मांगने पर सुनील राय और नरेश मांझी ने पीट-पीट कर उनके पति की हत्या कर दी और उनके शव को ठिकाने लगाने के मकसद से फेंक दिया। बहरहाल इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
इधर भागलपुर में अपराधियों ने पुलिस को खुलेआम चुनौती दी। अपराधियों ने यहां इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर में शुक्रवार की शाम जदयू नेता राजेश कुमार राणा उर्फ पप्पू मुखिया को गोलियों से भून दिया। जदयू नेता पप्पू भगत खगड़िया की वंदेहरा पंचायत के पूर्व मुखिया भी थे। वो जदयू के जिला महासचिव भी थे। बताया जा रहा है कि पप्पू भगत इस दिन शाम में सुमन भगत के साथ भीखनपुर इलाके में सामान खरीदने गए थे। उन्होंने अपनी गाड़ी थियोसॉफिल लॉज के सामने पार्क की थी।
सामान खरीदने के बाद उन्होंने जैसे ही अपनी कार का दरवाजा खोल अपराधियों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी। राजेश को चार गोलियां लगीं। सीने, पेट और पीठ में दो गोलियां लगीं। राजेश के पास भी लाइसेंसी पिस्टल थी पर उसके इस्तेमाल का मौका नहीं मिला। इसी दौरान अपराधियों की एक गोली शूटर रतन को भी लगी। उसके पंजरे में पीछे की तरफ गोली लगी और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी भी मौत हो गई।
