आम तौर पर एयर होस्टेस की नौकरी एक सम्मानजनक और अच्छी सैलरी वाली मानी जाती है। लेकिन दौलत की लालच में आकर एक खूबसूरत लड़की ने ना सिर्फ यह नौकरी छोड़ दी बल्कि वो बन गई एक खतरनाक गैंगस्टर। आज बात एयर होस्टेस से गैंगस्टर बनने वाली ममता की। मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक गांव की रहने वाली ममता बचपन से ही पढ़ने में होशियार थी। पढ़ाई खत्म करने के बाद दौलत कमाकर अमीर बन जाने का सपना लिया ममता ने शहर का रूख किया। काम की तलाश में भटक रही ममता को एक होटल में काम मिला और फिर उसने अपने टैलेंट के दम पर कई होटलों में काम किया।
जल्दी ही ममता ने एयरलाइंस इंडस्ट्री का रूख किया। इस इंडस्ट्री ने भी ममता के टैलेंट को सिर आंखों पर बैठाया और निजी एयरलाइंस में उसे ग्राउंड स्टाफ के तौर पर नौकरी भी मिल गई। अपनी शानदार अंग्रेजी और खूबसूरती की वजह से ममता को एयर होस्टेस बनने का मौका भी मिला। ममता स्पाइस जेट में कुछ महीनों तक एयर होस्टेस रही।
एयर होस्टेस की नौकरी छोड़ स्पा किया ज्वायन
स्पाइस जेट के साथ करीब एक साल तक काम करने के बाद ममता को और भी पैसे कमाने की चाहत हुई। इसी महत्वकांक्षा में उसने स्पाइस जेट की नौकीर छोड़ दी और फिर गुड़गांव के एक स्पा में काम शुरू कर दिया। इसी दौरान ममता की मुलाकात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंग के सदस्य विनय से हो गई। बस यहीं से शुरू हुई ममता के गैंगस्टर बनने की कहानी।
गैंगस्टर से मिली ममता
विनय से मुलाकात के बाद ममता ने जुर्म का रास्ता बेहिचक अख्तियार कर लिया। विनय के साथ हाथ मिलाने के बाद अब उनका गैंग ममता के हुस्न के सहारे अमीरों को फंसाने और फिर उसने पैसे ऐंठने के काम में लग गया। बताया जाता है कि यह गैंग अमीरजादों को मिस्डकॉल देकर अपनी जाल में फंसाता था और फिर ममता उन्हें अपने हुस्न का जलवा दिखाती थी। ममता बड़े-बड़े कारोबारियों को अपने झूठे प्यार के जाल में फंसाकर उनका अपहरण करती या फिर उन्हें ब्लैकमेल करती और फिर मोटी रकम इसके एवज में वसूलती थी।
बड़े कोरबारी से पंगा लेकर फंसी
जुर्म की घिनौनी राह पर चल रही ममता का यह खेल उस वक्त खत्म हुआ जब उसने मेरठ के सबसे बड़े रईसों में शुमार मनोज गुप्ता को उसने अपनी जाल में फंसाया। 18 फरवरी 2016 को मनोज अपनी कार से ममता के साथ देहरादून स्थित अपने फार्म हाउस पर जाने के लिए निकले। इस दौरान ममता के साथ ही उनकी गाड़ी का पीछा-पीछा करते-करते ममता के गैंग के अन्य सदस्य भी देहरादून तक पहुंच गए।
इसी रात ममता ने मनोज गुप्ता को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला कर दिया और फिर रातों-रात ममता और उसके साथी मनोज को किडनैप कर किसी अज्ञात जगह पर ले गए। अगले ही दिन ममता ने मनोज के ही फोन से उनकी पत्नी को फोन कर 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी।
पैसे भी वसूले
हालांकि मनोज के घरवालों ने पुलिस को सूचना दी थी लेकिन ममता पुलिस के हाथ नहीं आ रही थी। इस बीच मनोज के घरवालों और ममता के बीच 20 लाख रुपए नगद और 3 किलो सोने पर बात बनी और ममता तथा उसके गैंग ने यह रकम भी कारोबारी के परिवार से वसूले। इसके बाद मनोज को रिहा कर दिया गया था।
इधर यूपी और उत्तराखंड की पुलिस ममता के तलाश में जुटी थी। ममता को सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले शख्स से लेकर कई अन्य कड़ियों को जोड़ने के बाद आखिरकार पुलिस इस वारदात के कुछ ही दिनों बाद ममता तक पहुंच गई। ममता को दिल्ली के महिपालपुर से गिरफ्तार कर लिया गया और अमीर बनने की चाहत में वो पहुंच गई हवालात।

