2012 Delhi Gang Rape Case: दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के बुजुर्ग रिश्तेदार से मेडिकल अफसर ने बदसलूकी की है। गैंगरेप पीड़िता के रिश्तेदार उत्तर प्रदेश में पीड़िता के पैतृक जिले में मौजूद थे। दरअसल यहां गांव के लोग सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की उपस्थिति और आधारभूत जरुरतों की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान यहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीड़िता के रिश्तेदार जी से बदसलूकी करने पर उतारू हो गए।
जानकारी के मुताबिक अस्पताल में जरुरी सुविधाओं को लेकर जब यहां प्रदर्शन चल रहा था तब उस वक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रीतम कुमार मिश्र वहां पहुंच गए। अचानक वो पीड़िता के बुजुर्ग रिश्तेदार से बहस करने लगे। पीड़िता के रिश्तेदार का कहना था कि करीब 5 साल पहले यहां अस्पताल तो आधा-अधूरा बन गया लेकिन यहां नर्स तक नहीं है।
इसपर सीएमओ ने कहा कि ‘आज तक गांव में किसी ने भी डॉक्टर की पढ़ाई तो की नहीं और यहां के लोगों को डॉक्टर चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टर की पढ़ाई करें फिर इसी अस्पताल में डॉक्टर बन जाएं। इस गांव में डॉक्टर तो बनाया नहीं तो अस्पताल क्यों खुलवाया। हम कहां से डॉक्टर लाएं, जितने पद हैं उतने डॉक्टर हैं नहीं।’
इस दौरान जब पीड़िता के रिश्तेदार ने अपनी पोती की दिल्ली में पढ़ाई को लेकर चर्चा की तो सीएमओ ने बड़ी बदतमीजी के साथ कहा कि ‘वो कौन है…? डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही है तो दिल्ली क्यों गई?’ पीड़िता के दादा के साथ सीएमओ की यह बदसलूकी काफी देर तक जारी रही। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो को देखने के बाद हर कोई दंग है।
बता दें कि इस वीभत्स गैंगरेप के सभी 4 दोषियों को अब तक फांसी नहीं हुई है। इस मामले पर आज दिल्ली में अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां रोने लगीं। रोते हुए वो अदालत की चौखट से बाहर निकल गईं और कहा ‘मैं अब आशा और विश्वास खो रही हूं।
अदालत को यह समझना चाहिए कि दोषी किस तरह सजा से बचने के लिए तिकड़मबाजी कर रहे हैं। अब अगर पवन को नया वकील दिया गया तो वो इस केस में नए तरीके से याचिका दाखिल करेगा और फांसी आगे टलती ही जाएगी।’
