कर्मचारी चयन आयोग द्वारा लिपिक या सहायक आदि पदों के लिए चयनित लड़कियों-महिलाओं की नियुक्ति उनके निवास स्थान या गृहनगर के आसपास न होकर दूर-दराज के राज्यों में की जा रही है। इससे उन्हें ढेरों समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

वैसे भी अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर किसी पराए शहर में किराए के मकान, महंगे खानपान और बिना किसी सुरक्षा के अकेले लंबे अंतराल के लिए मामूली वेतन में गुजारा करना मुश्किल है।

नतीजतन, अधिकतर लड़कियां-महिलाएं चयनित होनेके बावजूद नियुक्ति स्थल पर नहीं जा पातीं और सरकार रोजगार देने के आंकड़े दिखा कर खुश हो जाती है।

इस समस्या के मद््देनजर इन पदों पर लड़कियों-महिलाओं की नियुक्ति उनके गृहनगर या उसके आसपास ही की जानी चाहिए ताकि उन्हें हाथ आया नौकरी का अलसर गंवाना न पड़े।

महेश चंद पवार, सफदरजंग एन्कलेव, दिल्ली

 

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