महिलाओं पर अत्याचार कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। निर्भया कांड की तरह भोपाल में भी चलती बस में महिला से दुराचार करके आरोपी फरार हो गए। आखिर कब तक महिलाएं उत्पीड़न सहेंगी? सभी पार्टियों को स्त्री सुरक्षा की याद सिर्फ चुनाव के दौरान आती है। सरकार बनने के बाद कोई भी पार्टी इसके प्रति गंभीर नजर नहीं आती। महिलाओं के खिलाफ आएदिन हो रहे अपराध चिंताजनक हैं। सरकार को ये अपराध रोकने लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
कफील अहमद फारूकी, नोएडा
फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करें- https://www.facebook.com/Jansatta
ट्विटर पेज पर फॉलो करने के लिए क्लिक करें- https://twitter.com/Jansatta