उत्तर प्रदेश में आत्महत्या करके भी यहां कुछ नहीं मिलता। ओलावृष्टि के दौरान किसानों ने आत्महत्याएं कीं, परिवारजन रोए-चिल्लाए पर किसी का दिल नहीं पसीजा… पूरा मुआवजा आज तक नहीं मिला। विरोध करने वालों को डर है कि कहीं जला कर न मार डालें क्योंकि आज के उत्तर प्रदेश में सबक सिखाने का यही नया चलन है, नई न्यायिक व्यवस्था है! यहां कोर्ट कचहरी की जरूरत नहीं… विरोध की सजा की नई परिभाषा लिखी गई है!
निखिल जायसवाल, आंबेडकर नगर
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