कश्मीर के बांदीपोरा में सुरक्षा बलों के जवानों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया लेकिन तलाशी लेने पर उनके पास से सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए 2000 के वे नोट बरामद हुए जिनके लिए देश के आम लोग प्रतिदिन घंटों कतारों में खड़े रहते हैं। साथ ही, बहुत-से लोग अपने धन और पद का फायदा उठा कर बैंकों में 1000 या 500 को नोट जमा करा और बदलवा रहे हैं जबकि गरीब प्रतिदिन घटों कतारों में इंतजार करते हैं। वहीं कई जगहों से नए नोटों की लूट की घटनाएं भी सामने आई हैं। आतंकवादियों के पास नए नोट मिलने और इस तरह की घटनाएं उन आम लोगों की उम्मीदों को एक झटका हैं जो पिछले कुछ दिनों से सारी परेशानियां सहन करते हुए आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में खड़े हैं।
वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा कि वे भारत को एक डिजिटल राष्ट्र बनाना चाहते हैं। पर हकीकत यह है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अभी तक मोबाइल और इंटरनेट से दूर हैं। भारत को कैशलेश बनाने के लिए आवश्यक है कि सबसे पहले देश से गरीबी और अशिक्षा को दूर किया जाए।
’मृणालिनी शर्मा, कानपुर</p>

