किसानों को एक किलो प्याज के दस रुपए मिले लेकिन वही प्याज उपभोक्ता तक चालीस रुपए प्रति किलो के हिसाब से पहुंचता है। किसानों को सब्जियों के बीस-तीस रुपए प्रति किलो दाममिलते हैं और ये सब्जियां उपभोक्ताओं तक चालीस से साठ रुपए प्रति किलोग्राम के भाव से पहुंचती हैं।
भारत की तीन चौथाई जनता का जीवन कृषि पर निर्भर है। आज भी किसान गरीब इसलिए बना हुआ कि किसानों को गरीब बना कर ही बहुत से लोग अमीर बन रहे हैं। मुट्ठी भर लोगों की वजह से ही किसानों की ऐसी दयनीय स्थिति है।
अब तक सबसिडी से कुछ नहीं हुआ। उर्वरक, बीज और बिजली पर सबसिडी से कुछ ही किसानों को फायदा मिला है। जब तक सरकार की नीतियां किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं दिला पाएंगी तब तक किसानों का शोषण यों ही होता रहेगा।
राज सिंह रेपसवाल, सिद्धार्थ नगर, जयपुर
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