जातिगत आरक्षण के तहत जातियां निर्धारित हैं। जब जातिगत जनगणना की पैरवी की गई तो क्यों न लगे हाथ देश भर के छोटे-बड़े सभी न्यायालयों में जातिगत कारणों से दर्ज विवादों की भी गणना कर ही ली जाए।
आखिर इससे भी सामाजिक सुधार में कुछ तो सहयोग मिलेगा ही ना!
अंबरीष भावसार, झाबुआ
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