Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (Nifty50) लाल निशान पर बंद हुए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 769.67 पॉइंट गिरकर 81,537.70 पर आ गया। वही निफ्टी 241.25 पॉइंट गिरकर 25,048.65 पर आ गया।
क्यों आई बाजार में गिरावट?
प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली से बेंचमार्क गिरे
बाजार में गिरावट का एक कारण हेवीवेट शेयरों में तेज बिकवाली थी। सेंसेक्स के कई शेयर दबाव में आ गए, जिससे इंडेक्स नीचे गिर गया।
दोपहर के कारोबार में एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, इंडिगो, अदानी पोर्ट्स और इटरनल के शेयर टॉप लूजर में से थे, जिनमें 2% से लेकर 6% से ज़्यादा का नुकसान हुआ।
सेक्टर-वार कमजोरी से दबाव बढ़ा
बिकवाली का दबाव किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं था। सेक्टोरल आधार पर, ऑटो, मीडिया, फाइनेंशियल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस के शेयर इंट्राडे ट्रेड के दौरान लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। खासकर रियल्टी शेयरों में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
आज की गिरावट के पीछे एक और बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली है। जनवरी में लगातार 13वें सेशन में विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी के नेट सेलर रहे हैं, जिससे बाजार लगातार दबाव में रहा है।
हरे निशान पर खुला था शेयर बाजार
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में पॉजिटिव शुरुआत हुई। Sensex-Nifty दोनों हरे रंग के निशान पर खुले। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुक्रवार को सकारात्मक शुरुआत की लेकिन जल्द ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली से दोनों में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 82,335.94 अंक के उच्च स्तर पर खुला और बाद में 82,516.27 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
हालांकि निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली से इसमें गिरावट आई। सुबह 10 बजे तक सूचकांक 22.13 अंक या 0.03 प्रतिशत लुढ़कर 82,285.24 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी मामूली रूप से 2.95 अंक या 0.01 प्रतिशत टूटकर 25,286.95 अंक पर आ गया। शुरुआती सत्र में सूचकांक 25,347.95 और 25,249.10 अंक के बीच उतार-चढ़ाव करता रहा।
अडानी ग्रुप के शेयर क्यों गिर गए?
अडानी ग्रुप के शेयरों में इस बार गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की एक कानूनी कार्रवाई है। SEC ने यूएस की एक कोर्ट से अनुमति मांगी है कि वह गौतम अडानी और सागर अडानी को सीधे ई-मेल के ज़रिए कानूनी समन भेजे।
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