बाजार में शुक्रवार (2 दिसंबर) को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और वैश्विक चिंताओं के बीच निवेशकों की पूंजी निकासी से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 329 अंक लुढ़क कर एक सप्ताह के न्यूनतम स्तर 26,231 अंक पर बंद हुआ। अमेरिका के रोजगार के आंकड़े आने से पहले तथा इटली में रविवार को संवैधानिक जनमत संग्रह से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। जनमत संग्रह से यह निर्धारित होगा कि इटली यूरो क्षेत्र में रहेगा या नहीं। रिजर्व बैंक की अगले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इससे बैंक शेयरों में गिरावट देखी गयी। तीस शेयरों वाला सूचकांक 329.26 अंक या 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ शुक्रवार को 26,230.66 अंक पर बंद हुआ। 28 नवंबर के बाद सेंसेक्स का यह न्यूनतम स्तर है। कारोबार के दौरान यह 26,463.06 से 26,182.93 अंक के दायरे में रहा।
पिछले दो दिनों में सेंसेक्स 422.15 अंक या 1.58 प्रतिशत नीचे आ चुका है। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 106.10 अंक या 1.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,086.80 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 8,159.30 से 8,070.05 अंक के दायरे में रहा। जियोजीत पीएनबी परिबा फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अमेरिका में रोजगार के आंकड़े आज (शुक्रवार, 2 दिसंबर) आने हैं और साथ ही इटली में जनमत संग्रह होना है। इसको लेकर बढ़ रही चिंता से बाजार सुबह से प्रभावित है।’ उन्होंने कहा, ‘रिजर्व बैंक की बाजार स्थिरीकरण योजना (एमएसएस) से बैंकों में अतिरिक्त नकदी खत्म होगी। इससे बैंकों को थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन जीएसटी परिषद की जारी बैठक तथा दोहरे नियंत्रण से जुड़े मुद्दे से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है….।’
बाजार से सतत विदेशी पूंजी निकासी से भी धारणा प्रभावित हुई है। पूरे सप्ताह के दौरान स्थिति देखी जाए तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में क्रमश: 85.78 अंक या 0.32 प्रतिशत तथा 27.50 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट आयी है। बिकवाली जोर पकड़ने से उपभोक्ता टिकाऊ, रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों तथा वाहनों की अगुवाई में सभी खंडवार सूचकांकों में 2.32 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गयी। वैश्विक स्तर पर एशिया में चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया तथा ताइवान के बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी। यूरोप में फ्रांस, जर्मनी तथा लंदन के बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी गयी। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 26 नुकसान में जबकि चार लाभ में रहे। नुकसान में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स (3.57 प्रतिशत), मारुति (3.44 प्रतिशत), टाटा मोटर्स (3.37 प्रतिशत), अडाणी पोर्ट्स (3.13 प्रतिशत), एचडीएफसी (2.35 प्रतिशत), आईटीसी (2.12 प्रतिशत), टीसीएस (1.88 प्रतिशत) तथा डॉ. रेड्डीज (1.87 प्रतिशत) शामिल हैं। दूसरी तरफ बजाज ऑटो (0.64 प्रतिशत), सिप्ला (0.57 प्रतिशत), हीरो मोटो कॉर्प (0.17 प्रतिशत) तथा आईसीआईसीआई बैंक (0.12 प्रतिशत) में तेजी रही।
