Rupees Vs Dollars : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में शुक्रवार को 93 पैसे की बड़ी गिरावट आई। यह 89 के स्तर को पार कर अबतक के सबसे निचले स्तर 89.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले तीन महीने में रुपये में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है।
किस वजह से आई गिरावट?
व्यापार-संबंधी अनिश्चितताओं के बीच घरेलू और ग्लोबल बाजारों से मिले नेगेटिव संकेतों के साथ रुपये की विनिमय दर में बड़ी गिरावट आई है। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार, रिस्क से बचने की धारणा के बीच ग्लोबल आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर स्पष्टता के अभाव के कारण रुपया लुढ़का है।
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 88.67 पर खुला और कारोबार के दौरान अबतक के सबसे निचले स्तर 89.65 पर पहुंच गया। रुपया आखिरकार कारोबार के अंत में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 89.61 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 93 पैसे की गिरावट है।
पिछला अब तक का सबसे निचला स्तर 30 सितंबर को हुआ था दर्ज
गुरुवार को रुपया 20 पैसे फिसलकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.68 पर बंद हुआ था। रुपया ने कारोबार के दौरान अपना पिछला अब तक का सबसे निचला स्तर 30 सितंबर को 88.85 पर दर्ज किया था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पिछला सबसे निचला बंद स्तर 14 अक्टूबर को 88.81 पर रहा था। इससे पहले भारतीय मुद्रा में इतनी तेज गिरावट 30 जुलाई को दर्ज की थी।
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आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक रुपये के किसी विशेष स्तर को लक्ष्य नहीं बनाता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने के बाद उत्पन्न व्यापार अनिश्चितताओं के वजह से घरेलू मुद्रा में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हाल में गिरावट आई है।
