विलफुल डिफॉल्टर्स यानी जानबूझकर लोन ना लौटाने वाले कारोबारियों पर बैंकों की मेहरबानी जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक बैंकों ने 62 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन को बट्टे-खाते में डाल दिया है। आपको बता दें कि लोन को बट्टे-खाते में डालने का मतलब लोन माफी बिल्कुल नहीं है। इसके जरिए बैंकों को अपनी बैलेंस शीट को साफ-सुथरी बनाए रखने में मदद मिलती है।
सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में रिजर्व बैंक की ओर से ये जानकारी दी गई है। रिजर्व बैंक के मुताबिक मार्च 2020 तक बैंकों ने टॉप 100 विलफुल डिफॉल्टर्स के 62 हजार करोड़ रुपये ज्यादा के लोन को बट्टे-खाते में डाल दिया है। डिफॉल्टर्स में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कथित धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स टॉप पर है।
गीतांजलि जेम्स का 5071 करोड़ का लोन NPA बन गया है, इसमें से बैंकों ने 622 करोड़ रुपये का लोन बट्टे-खाते में डाल दिया है। वहीं, विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लोन को भी इस कैटेगरी में शामिल किया गया है।
बहरहाल, ये खबर ऐसे समय में आई है जब हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेहुल चौकसी की करोड़ों की संपत्ति कुर्क की है। ईडी ने मेहुल चोकसी की 14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है। यह कथित धोखाधड़ी मामला 13,000 करोड़ रुपये से अधिक का है।
धन शोधन रोधी कानून के तहत कुर्क की गई संपत्ति में मुंबई के गोरेगांव इलाके में ओ2 टावर स्थित 1,460 वर्ग फुट आकार का एक फ्लैट, सोने एवं प्लेटिनम के आभूषण, हीरे, चांदी एवं मोतियों के नेकलेस, घड़ियां और एक मर्सिडीज बेंज कार शामिल हैं।
गीतांजलि समूह की कंपनियों और इसके निदेशक मेहुल चोकसी के नाम से मौजूद 14.45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क करने का एक अस्थायी आदेश धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत जारी किया गया था। आपको बता दें कि गीतांजलि समूह का मुखिया मेहुल चोकसी (61) नीरव मोदी का मामा है।
नीरव भी 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कथित धोखाधड़ी मामले में एक अन्य मुख्य आरोपी है। चोकसी भारत से भाग गया है और जांच एजेंसियों के मुताबिक वह एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा है।
वहीं, नीरव मोदी (49) लंदन की एक जेल में कैद है। उसे ब्रिटेन में 2019 में गिरफ्तार किया गया था। वह भारत प्रत्यर्पित किये जाने के मुकदमे का सामना कर रहा है।

