PMFBY: देश के करोड़ों किसानों के लिए गुड न्यूज है। बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि PMFBY की नई प्रक्रिया के तहत फसल को जंगली जानवरों और जलभराव की कारण होने वाले नुकसान की भरपाई भी सरकार करेगी।
फसल बीमा में अब ये नुकसान भी शामिल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आपको प्रसन्नता के साथ यह सूचना दे रहा हूं कि फसल बीमा योजना में ये दोनों नुकसान भी कवर कर लिए गए हैं। अगर जंगली जानवर फसलों का नुकसान करते हैं तो भी नुकसान की भरपाई होगी और जलभराव के वजह से अगर फसल खराब होती है तो भी नुकसान की भरपाई होगी।
3 दिनों के भीतर देनी होगी नुकसान की सूचना
संशोधित प्रावधानों के मुताबिक, जंगली जानवरों द्वारा फसल के नुकसान को रिस्क कैटेगिरी के पांचवें ‘ऐड-ऑन कवर’ के रूप में मान्यता दी गई है। फसल नुकसान की जानकारी 72 घंटे के भीतर यानी 3 दिनों के भीतर देनी होगी। किसान को इसकी सूचना फसल बीमा ऐप पर जियो-टैग्ड फोटो के साथ दर्ज करनी होगी।
जंगली जानवर से फसल को काफी नुकसान
भारत में काफी लंबे वक्त से जंगली जानवर जैसे जंगली सूअर, नीलगाय आदि जानवरों के हमलों के वजह से बढ़ते फसल नुकसान का सामना कर रहे हैं। ऐसे नुकसान अभी तक फसल बीमा योजना के दायरे में नहीं आते थे। जिस वजह से किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ती थी।
दूसरी ओर, बाढ़ संभावित क्षेत्रों में धान की खेती करने वाले किसानों को अधिक वर्षा की वजह से और जलभराव के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ता रहा है। इस जोखिम को वर्ष 2018 में स्थानीयकृत आपदा श्रेणी से हटाए जाने से किसानों के लिए एक बड़ा संरक्षण अंतर उत्पन्न हो गया था। इस निर्णय के साथ अब स्थानीय स्तर पर फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को इस बीमा योजना के तहत समयबद्ध और तकनीक-आधारित दावा निपटान का लाभ मिलेगा।
