पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक से जुड़े 4355 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसे रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल के प्रोमोटर्स ने अपनी तरफ से कर्ज चुकाने की पेशकश की है। कंपनी के प्रोमोटर्स राकेश और सारंग वधावन ने केंद्रीय बैंक जांच एजेंसियों से कर्ज चुकाने के लिए अपनी संपत्ति को बेचने का आग्रह किया है।

एचडीआईएल के प्रोमोटर्स ने जांच एजेंसी की तरफ से अटैच की गई 18 संपत्तियों को बेचने का आग्रह किया है। इन संपत्तियों में एयरक्राफ्ट, एक रॉल्स रॉयस कार और नौका भी शामिल है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने प्रोमोटर्स वधावन गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

रियल एस्टेट कंपनी की संपत्तियों को बेचने संबंधी पत्र प्रोमोटर्स के प्रवक्ता की तरफ से जारी किया गया है। पिता और पुत्र के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है कि हम एफआईआर में खुद के ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हैं। बैंक जमाकर्ताओं के हित में हम आपसे (वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) आग्रह करते हैं कि नीचे वर्णित संपत्तियों को तत्काल बेचकर लोन की मुख्य रकम से एडजस्ट कर दिया जाए।

मालूम हो कि ईडी ने राकेश वधावन की रॉल्स रॉयस फैंटम, बेंटले कॉन्टिनेंटल, बीएमडब्ल्यू 730एलडी जैसी अल्ट्रा लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं।इसके अलावा राकेश के बेटे का एक फाल्कन 2000 एयरक्राफ्ट, ऑडी एजी, ए फेराटीयाट 881, दो इलेक्ट्रिक कार, तीन क्वाड बाइक और एक स्पीड बोट भी शामिल है।

पत्र में कहा गया है कि जनता के व्यापक हितों को देखते हुए संपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाए। इससे मौजूदा संकट से निकला जा सकेगा। आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार पीएमसी बैंक के प्रबंधन ने एचडीआईएल कंपनी के प्रोमोटर्स के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

इतना ही नहीं बैंक के अधिकारियों ने एचडीआईएल ग्रुप की तरफ से लोन डिफॉल्ट की जानकारी भी बैंकिंग नियामक से छुपाई। बैंक के लोन की 70 फीसदी रकम एचडीआईएल समूह को दी गई थी। वह भी उस समय जबकि ग्रुप आर्थिक संकट का सामना कर रहा था।