Ladki Bahin Yojana 2026: महाराष्ट्र सरकार प्रदेश की बहनों को आर्थिक लाभ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना (Chief Minister Majhi Ladki Bahin scheme) चला रही है। इस योजना के ई-केवाईसी प्रोसेस के दौरान गलत तरीके से पूछे गए एक सवाल की वजह से 24 लाख से ज्यादा बेनिफिशियरी को राज्य सरकार का कर्मचारी बता दिया गया, जिस वजह से उन्हें योजना का लाभ मिलना रूक गया।
गलती का पता चलने ही महिला और बाल कल्याण विभाग ने राज्य भर में करीब एक लाख आंगनवाड़ी वर्कर्स को प्रभावित बेनिफिशियरी का फिजिकली वेरिफिकेशन करने का आदेश दिया है।
टेंशन फ्री निवेश: NSC में आपको मिलता है 7.7% पक्का रिटर्न, जाने इसके बारे में सब कुछ
जनसत्ता की सहयोगी द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, महिला और बाल कल्याण विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “ एक सवाल गलत तरीके से पूछा गया था। यह पूछने के बजाय कि क्या परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है, सवाल में दो नेगेटिव शब्द थे। इस सवाल ने जवाब देने वालों को कन्फ्यूज कर दिया और लगभग 24 लाख लोगों ने हां में जवाब दिया।
अधिकारी ने बताया कि मराठी में मुश्किल सवाल का मतलब था, तुमच्या घराटले कोनी सरकारी नोकरित नहीं ना? (“आपके परिवार में कोई भी सरकार के लिए काम नहीं करता है, है ना?”)। जिन लोगों को ‘नहीं’ में जवाब देना चाहिए था, कहा जाता है कि उन्होंने सवाल के फ्रेमिंग के कारण ‘हां’ लिखा।
जब अधिकारियों ने डेटा देखा तो गलती साफ हो गई। अधिकारी ने कहा कि जब उन्होंने डेटा देखा, तो गलती का एहसास हुआ क्योंकि महाराष्ट्र सरकार में केवल 8 से 9 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें सेमी-गवर्नमेंटल बॉडी और कॉर्पोरेशन में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से महीने की किस्त न देने की शिकायतें भी मिलने लगीं।”
फिजिकल वेरिफिकेशन की घोषणा
महिला और बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने मंगलवार को X (Twitter) पर एक पोस्ट में घोषणा की कि इन लोगों का आंगनवाड़ी वर्कर फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे।
डिजिटल वेरिफिकेशन ड्राइव के तहत राज्य सरकार ने लगभग 2.30 करोड़ लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी शुरू किया था ताकि यह पक्का किया जा सके कि पाने वाले स्कीम के तहत एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं। ई-केवाईसी पूरा करने की डेडलाइन 31 दिसंबर थी।
राज्य लगभग 2.25 करोड़ लाभार्थियों के लिए हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये जारी करता है, जिसमें हर एलिजिबल महिला को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं।
ई-केवाईसी की यह प्रक्रिया उन शिकायतों के बाद शुरू की गई थी कि इस स्कीम के तहत पुरुष सदस्य फायदे ले रहे थे या कुछ सरकारी कर्मचारियों को बेनिफिशियरी के तौर पर रजिस्टर किया गया था।
कब शुरू हुई थी लड़की बहिन योजना?
2024 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले माझी लड़की बहिन स्कीम शुरू की गई थी। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद देती है।
