आइआइटी दिल्ली से पढ़ाई के दौरान प्रतीक शर्मा और उनके साथियों ने एक तकनीक पर काम करते हुए एक उत्पाद (नैसो फिल्टर) बनाया। नैसो फिल्टर को बाजार में लाने के लिए एक कंपनी ‘नैनो क्लीन ग्लोबल’ बनाई। आज इस कंपनी के पांच उत्पाद बाजार में हैं। इस कंपनी को यहां तक लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रतीक शर्मा से हमने बातचीत की। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश…

सवाल : स्टार्टअप का विचार कैसे आया?
प्रतीक: मैं राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला हूं। वहां पर अकसर धूल भरी आंधियां चलती हैं और इसकी वजह से मेरी मां को अस्थमा की परेशानी रहती थी। जब में आइआइटी दिल्ली आया तो मैंने तुषार और जतिन के साथ मिलकर अस्थमा के मरीजों को राहत देने के लिए एक तकनीकी उपयोग बनाने के बारे में सोचा। सिविल इंजीनियरिंग से बीटेक करने के दौरान तीन साल तक हमने एक तकनीक के ऊपर काम किया और यह नैसो फिल्टर के रूप में सामने आया। इसके बाद हमने इसे लोगों तक ले जाने के लिए एक स्टार्टअप शुरू किया। नैसो फिल्टर दुनिया का सबसे छोटा, सस्ता और नैनो तकनीक पर बना फिल्टर है।

सवाल : स्टार्टअप के लिए एक बेहतर टीम कितनी जरूरी है?
प्रतीक: स्टार्टअप की क्यों, जीवन में कुछ भी करने के लिए एक बेहतर टीम का कहना सबसे अधिक जरूरी है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए एक संपत्ति की तरह होती है। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे शुरुआत से ही एक बेहतर टीम मिली। जिसकी बदौलत आज हम इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं।

सवाल: स्टार्टअप शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
प्रतीक: किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले आप एक बेहतर टीम तो बनाएंगे ही लेकिन उससे भी जरूरी है कि आप अपनी टीम को पूरा सम्मान और जिम्मेदारी दें। हर व्यक्ति सारे कार्य नहीं कर सकता है। ऐसे में हमें अपनी टीम को दफ्तर से लेकर अकाउंट तक की जिम्मेदारी देनी होगी। दूसरी बड़ी चीज है, बाजार शोध। किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले यह बहुत जरूरी चीज होती है। हमने इसकी अनदेखी की और हमें अपना उत्पाद वापस लेना पड़ा। दरअसल, हमने पहले जो नेसो फिल्टर तैयार किया था, उसका लोगों को रंग पसंद नहीं आया। इसके बाद हमने बाजार शोध किया और लोगों की पसंद के रंग को ध्यान में रखा। हालांकि, इसमें एक साल का समय और लग गया।