भारत-अमेरिका के बीच बहु-प्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। वाणिज्य सचिव (Commerce Secretary) राजेश अग्रवाल ने गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। अग्रवाल ने कहा कि हाई टैरिफ के बावजूद अमेरिका को होने वाले भारत के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

कॉमर्स सेक्रेटरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दोनों पक्ष (व्यापार समझौते पर) बातचीत कर रहे हैं और दोनों पक्षों को लगता है कि एक व्यापार समझौता हो सकता है।’’ उन्होंने बताया कि पिछले साल दिसंबर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर की डिजिटल रूप से बैठक हुई थी।

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उन्होंने आगे कहा कि कुछ इश्यू अभी पेंडिंग हैं जिन पर बात चल रही है। तैयारियां करीब पूरी हो चुकी हैं। बस ऐलान तभी होगा जब दोनों देश पूरी तरह तैयार होंगे।

उन्होंने आगे कहा, US, China और UAE तीनों मोर्चों पर भारत का कारोबार मजबूत है। कॉमर्स सेक्रेटरी ने आगे कहा कि भारत का व्यापार सिर्फ अमेरिका के साथ ही नहीं, बल्कि चीन और यूएई के साथ भी बेहतर कर रहा है।

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लगातार जारी हैं हाई-लेवल बातचीत

गोयल और USTR के बीच दिसंबर में हुई बैठक, 10 और 11 दिसंबर को डिप्टी यूएसटीआर रिक स्विट्ज़र के नेतृत्व में यूएसटीआर ऑफिस के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के नई दिल्ली दौरे के बाद हुई थी। वहीं जनवरी में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पदभार संभाला और 14 जनवरी को राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे।

13 जनवरी को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें व्यापार के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

हाई टैरिफ फिर भी 7 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट

ट्रंप प्रशासन ने भारत पर अभी 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया हुआ है। इतने ऊंचे टैरिफ के बावजूद हर महीने भारत करीब 7 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट अमेरिका को कर रहा है। इससे पता चलता है कि एक्सपोर्ट सेक्टर्स की पकड़ मजबूत है और ट्रंप के टैरिफ को भारत ने डाइवर्सिफिकेशन के जरिए अच्छी तरह से मैनेज किया है।

अनिश्चितताओं के बीच निर्यात में इजाफा

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश का निर्यात दिसंबर 2025 में 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब डॉलर हो गया लेकिन आयात में तेज वृद्धि के कारण व्यापार घाटा मामूली रूप से बढ़कर 25 अरब डॉलर हो गया। आज जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने में देश का आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 अरब डॉलर रहा। इसके साथ ही आयात और निर्यात का अंतर यानी व्यापार घाटा मामूली रूप से बढ़कर 25.04 अरब डॉलर हो गया। यह नवंबर 2025 में 24.53 अरब डॉलर जबकि दिसंबर 2024 में 22 अरब डॉलर था। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में देश का कुल वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब डॉलर हो गया।

इस दौरान कुल आयात 5.9 प्रतिशत बढ़कर 578.61 अरब डॉलर हो गया। इस तरह वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कुल व्यापार घाटा 248.32 अरब डॉलर दर्ज किया गया। व्यापार आंकड़ों पर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात सकारात्मक रुझान दिखा रहा है। उन्होंने कहा, “मौजूदा रुझानों को देखते हुए हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में कुल निर्यात (वस्तु और सेवाएं) 850 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है।”

पिछले महीने निर्यात में तेजी की अगुवाई इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद और दवा जैसे क्षेत्रों ने की। इसके साथ अमेरिका, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भारत का निर्यात स्थिर गति से बढ़ रहा है।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ