फ्यूचर रिटेल और अमेजन के बीच विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। सुप्रीम कोर्ट में फ्यूचर रिटेल ने अमेजन से विवाद पर कहा कि “अमेजन हमें बर्बाद करना चाहता है और वह इसमें कामयाब हो रहा है।“ गौरतलब है कि फ्यूचर रिटेल की बिक्री को लेकर अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। पिछले दिनों इस विवाद को सुलझाने के लिए अमेजन और फ्यूचर रिटेल के बीच न्यायालय से बहार हुई बातचीत भी बेनतीजा रही है।
एक डील के लिए कंपनी को बर्बाद किया: कोर्ट की सुनवाई के दौरान फ्यूचर ने अमेजन पर बड़ा आरोप लागते हुए कहा कि “1400 करोड़ की डील के लिए अमेजन ने 26 हजार करोड़ रुपए की कंपनी को बर्बाद कर दिया है। अमेजन जो चाहता था वह उसमें सफल हुआ है। आगे कहा कि “हमें केवल एक घागे की तरह लटकाया जा रहा है। आज हमारे साथ आज कोई बिजनेस नहीं करना चाहता है।” वहीं रिलायंस द्वारा स्टोर्स का अधिग्रहण करने पर कहा कि “जब जमीन मालिक हमें किराया न चुकाने की वजह से खाली करने को कहेगा तो क्या कर सकते हैं।”
4800 करोड़ किराया बकाया: फरवरी के आखिरी हफ्ते में रिलायंस ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल स्टोर्स को लीज का किराया न भुगतान करने के चलते अपने कब्जे में लेना शुरू किया कर दिया था। किशोर बियानी के नेतृत्व वाले इस ग्रुप पर करीब 4800 करोड़ रुपए का किराया बाकी है।
फ्यूचर रिटेल ने कोर्ट को बताया कि वह किराया न भुगतान करने के चलते 835 रिटेल स्टोर्स का नियंत्रण खो चुका है जबकि 374 रिटेल स्टोर्स का संचालन कर रहा है।
क्या है पूरा विवाद :फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल कारोबार को बेचने के लिए अगस्त 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स के साथ 24,713 करोड़ रुपए में सौदा किया था। इस सौदे पर अमेरिकी कंपनी अमेजन ने यह कहकर आपत्ति जताई थी कि फ्यूचर रिटेल की प्रवर्तक कंपनी फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपी) में उसने एक वर्ष पहले ही 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है और बिना उसकी मंजूरी के फ्यूचर रिटेल की बिक्री का सौदा नहीं हो सकता है। बता दें, एफसीपी की फ्यूचर रिटेल में 7 फीसदी हिस्सेदारी है।
