Fixed Deposit Interest Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले वर्ष रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की। जिससे रेपो रेट दर घटकर 5.25% हो गया। हालांकि इस फैसले से होम लोन, पर्सनल लोन और दूसरे लोन सस्ते हो गए, लेकिन फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) में निवेश करने वालों के लिए रिटर्न धीरे-धीरे कम हो गया।

एक वक्त था जब बडे़ बैंक भी 8% से ज्यादा एफडी ब्याज दरें दे रहे थे, लेकिन 2026 की शुरुआत में ब्याज दरें कई सालों के निचले स्तर पर हैं। इसके बावजूद, यह राहत की बात है कि देश के कुछ सबसे बड़े बैंक अभी भी सीनियर सिटीजन को 7% या उससे ज्यादा ब्याज दरें दे रहे हैं।

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5 वर्ष की फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

आम ग्राहक: 6.05% प्रति वर्ष
सीनियर सिटीजन: 7.05% प्रति वर्ष

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आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)

आम ग्राहक: 6.60% प्रति वर्ष
सीनियर सिटीजन: 7.10% प्रति वर्ष

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)

आम ग्राहक: 6.00% प्रति वर्ष
सीनियर सिटीजन: 7.00% प्रति वर्ष

(डेटा: BankBazaar, 5 दिसंबर 2025 तक अपडेटेड)

छोटे वित्त बैंक बनाम बड़े बैंक: ज्यादा ब्याज दरें, लेकिन रिस्क भी?

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों की बात करें तो, छोटे वित्त बैंक (SFB) अक्सर बड़े बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज दरें प्रदान करते हैं। यहां तक ​​कि 2026 में भी, कुछ एसएफबी वरिष्ठ नागरिकों को जमा आकर्षित करने के लिए 8% से अधिक ब्याज दरें दे रहे हैं।

छोटे वित्त बैंक अधिक ब्याज दरें इसलिए देते हैं क्योंकि उन्हें अपने जमा आधार का विस्तार करना होता है और अपेक्षाकृत जोखिम भरे उधारकर्ता वर्गों को ऋण देना होता है। इसका एक कारण यह भी है कि उन्हें बड़े और अधिक स्थापित बैंकों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।

[डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से निवेश सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। Jansatta.com अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।]