बाबा रामदेव के ब्रांड पतंजलि को जवाब देने के लिए मल्‍टीनेशनल कंपनियां नए-नए तरीके आजमा रही हैं। भारत में व्‍यापार शुरू करने के करीब 80 साल बाद कोलगेट-पामोलिव पूरी तरह से भारत को ध्‍यान में रखकर एक नए ब्रांड को लॉन्‍च करने जा रही है। रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने कंज्‍यूमर गुड्स बनाने वाली बड़ी-बड़ी कपंनियों के मुनाफे में सेंध लगाई है। जिससे निपटने के लिए कंपनी ने अब सिबाका वेदशक्ति नाम का ब्रांड लान्‍च करने का मन बनाया है। पतंजलि ने अपने ‘दंत कान्ति’ टूथपेस्‍ट के जरिए कोलगेट के बाजार को चुनौती दी थी। कोलगेट देश में नीम और लौंग जैसे हर्बल वैरियंट्स बेचती रही हैं, लेकिन पहली बार कंपनी ने आयुर्वेदिक सेगमेंट में कोई ब्रांड लॉन्‍च किया है। कोलगेट-पामोलिव देश के ओरल केयर मार्केट के आधे से ज्‍यादा हिस्‍से पर नियंत्रण रखती है।

कोलगेट-पामोलिव के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बीना थॉम्‍पसन ने कहा, ”भारत में, उपभोक्‍ता प्राकृतिक तत्‍वों में मजबूती से भराेसा रखते हैं। इस तिमाही सिबाका के सब ब्रान्‍ड के तहत लॉन्‍च होने वाला टूथपेस्‍ट है कोलगेट सिबाका वेदशक्ति। सभी प्राकृतिक तत्‍वों के गुणों से भरपूर यह टूथपेस्‍ट दांत की समस्‍याओं को दूर रखेगा।” कोलगेट की भारतीय यूनिट प्राकृतिक तत्‍वों वाले सेगमेंट में कोई खास पकड़ नहीं रखती। इकॉनमिक टाइम्‍स के अनुसार, पतंजलि के दंत कान्ति लॉन्‍च करने के बाद कंपनी ने एक्टिव साल्‍ट नीम को नए कलेवर में पेश किया और सेंसिटिव क्‍लव टूथपेस्‍ट लॉन्‍च किया। इन दोनों प्रोडक्‍ट्स का पूरे टूथपेस्‍ट मार्केट में अब 7 प्रतिशत से ज्‍यादा हिस्‍सेदारी है। हालांकि, पतंजलि ने नए नाम पर आपत्ति जताई है। पतंजलि ने कोलगेट को सुझाव दिया है कि वेदशक्ति की जगह आयुष या जड़ीबूटी का इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए था।

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पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक, आचार्य बालकृष्‍ण ने कहा, ”हम भगवान की तरह वेदों की पूजा और सम्‍मान करते हैं, हम उन्‍हें हमारे उत्‍पादों में प्रयोग नहीं करते। यह एक टूथपेस्‍ट नहीं, बल्कि हमारी संस्‍कृति पर सीधा हमला है।” एक दशक से भी कम समय में 5,000 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की कंपनी बनने वाली पतंजलि को देखकर, अन्‍य बहुराष्‍ट्रीय कंपनियों ने भी आयुर्वेद पर फोकस किया है। एनालिस्‍ट्स के अनुसार, कोलगेट के नए टूथपेस्‍ट के 175 ग्राम पैक के लिए 50 रुपए चुकाने होंगे, जो कि पतंजलि के दंत कान्ति के मुकाबले 30 फीसदी सस्‍ता है। इसके इलावा पतंजलि के प्रोडक्‍ट्स देश के 2 लाख परंपरागत रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्‍ध होंगे, जबकि कोलगेट के पास 5 मिलियन स्‍टाेर्स तक पहुंच हैं।