Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में भिखारियों ने मिलकर एक दूसरे की आर्थिक एक ऐसा बैंक शुरू किया है, जो आपने पूरे देश में शायद ही कही देखा हो। ये बैंक सदस्य लोगों को जरूरत के समय लोन देता है। यहां भिखारी भीख में मिले पैसे यहां जमा कराते हैं और उस रकम पर उन्हें ब्याज भी दिया जाता है। इस बैंक केवल भिखारी ही नहीं बल्कि कमजोर तबके के लोग भी जुड़े हुए हैं जो इस बैंक की सेवाओं का जमकर लाभ उठा रहे हैं।
बैंक का संचालन भी इसमें लेनदेन करने वाले लोगों की ओर से ही किया जाता है। मौजूदा समय में इस बैंक को 175 लोगों जुड़े हुए हैं, जोकि पांच अलग-अलग सेल्फ हेल्प ग्रुप में विभाजित है। इन सभी सेल्फ हेल्प ग्रुप की मीटिंग एक निश्चित टाइम टेबल के मुताबिक होती है। जहां लोगों की ओर से पैसा जमा किया जाता है और जिस व्यक्ति को लोन लोन चाहिए होता है वह अपना आवेदन दे सकता है।
आज तक की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यह बैंक लोगों को बेटी की शादी, इलाज और जरूरत पड़ने पर छोटा लोन देता है, जिस पर एक रुपए सैकड़े के हिसाब से इस बैंक की ओर से ब्याज भी वसूला जाता है।
RBI ने जारी की डिजिटल लोन ऐप्स के लिए गाइडलाइन्स
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई ने बुधवार (10 अगस्त) को डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की। आरबीआई के कहा कि लेनदार को किसी भी प्रकार का लोन देना या वसूली केवल बैंक खातों के जरिए ही की जा सकती है। ऐप्स को भुगतान किया जाने वाला शुल्क अब लोन देने वाले को वहन करना होगा और यह कर्ज लेने वालों पर नहीं पड़ेगा।
इसके साथ अब डिजिटल लोन देने वाले ऐप अपने ग्राहकों की क्रेडिट लिमिट को बिना उनकी सहमति के बढ़ाने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही आरबीआई ने जोर देकर कहा है कि डिजिटल लोन ऐप की ओर से ग्राहकों को स्पष्ट रूप से ब्याज दर और उस पर वसूले जाने वाले चार्ज के बारे में जानकारी दी जाएगी।
