वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी को लेकर आर्थिक प्रस्ताव पेश किया। इस आर्थिक प्रस्ताव में वित्तमंत्री का फोकस नोटबंदी के फायदे पर था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का मकसद काले धन और भ्रष्टाचार को रोकना था। काले धन को लेकर 2014 के आम चुनाव में हमने जो लोगों से वादा किया था, उसे पूरा किया है। सरकार के इस कदम का एक मकसद जाली नोटों और आतंकवादियों के लाइफ लाइन पर चोट पहुंचाना था और नोटबंदी से आतंकवादियों की आर्थिक कमर टूट गई है।
आर्थिक प्रस्ताव में भाजपा ने कहा है कि नोटबंदी के बाद स्थिति ‘पवित्र आंदोलन’ है। जनता ने अस्थायी परेशानी को पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया और अब काला धन बैंकों में जमा हो चुका है, जिससे अधिक राजस्व आएगा और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पहले से बड़ा और स्वच्छ होगा। इस मुद्दे पर विपक्ष देश के सकारात्मक माहौल को खत्म करके सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। भाजपा ने कहा कि नोटबंदी साहसिक कदम है जिसका मकसद गरीबों की भलाई है।
प्रस्ताव में सरकार की ओर से कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए कई कदमों का उल्लेख किया गया है। मसलन, एसआइटी का गठन, आय घोषणा योजना शुरू करना, जनधन योजना, काला धन अधिनियम आदि। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का मानना है कि देश में 107 करोड़ मोबाइल फोन कनेक्शन हैं, 147 करोड़ बैंक खाते हैं, 25 करोड़ जनधन खाते हैं, 35 करोड़ खाते आधार से जुड़े हैं। इसके अलावा 75 करोड़ डेबिट कार्ट हैं, जो समाज को डिजिटल लेनदेन के उपयुक्त बनाते हैं।

