इंडिगो के खिलाफ चल रही जांच के बीच एक बड़ी खबर आई है। भारत सरकार ने इंडिगो, एअर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा से औसत किराए का डेटा देने को कहा है, क्योंकि एंटीट्रस्ट अथॉरिटी दिसंबर में हुई यात्रा रुकावटों की जांच कर रही हैं। समाचार एजेंसी रायटर्स की एक रिपोर्ट में एक डॉक्यूमेंट के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
इंडिगो में पायलटों की कमी के चलते पिछले महीने लगभग 4,500 उड़ानें रद्द हुई, जिससे हजारों यात्री फंस गए और देश भर में हवाई यात्रा बाधित हुई। इस संकट के दौरान कुछ एयरलाइंस के किराए में भारी बढ़ोतरी हुई, जिसके कारण सरकार को अस्थायी सीमाएं (किराए में लिमिट) लगानी पड़ीं।
रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कॉम्पिटिशन रेगुलेटर, CCI ने दिसंबर में कहा था कि वह इंडिगो के खिलाफ यह जांच कर रहा है कि क्या उसने अपनी मार्केट पोजीशन का गलत इस्तेमाल किया है। इस मामले पर इंडिगो ने कोई टिप्पणी नहीं की है।
ये रिक्वेस्ट 1-15 दिसंबर के औसत किराए के लिए है
भारत के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने एयरलाइंस को पत्र लिखकर 1-15 दिसंबर की अवधि में उनके द्वारा संचालित प्रत्येक रूट पर इकोनॉमी और प्रीमियम इकोनॉमी सीटों के औसत किराए के बारे में पूछा है, जैसा कि रॉयटर्स द्वारा इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा को 1 जनवरी को भेजे गए सरकारी ईमेल की समीक्षा से पता चलता है।
NPS Gratuity Rules: किन कर्मचारियों को मिल सकती है दो बार ग्रेच्युटी? जानें सरकार ने क्या कहा
CCI और सिविल एविएशन अथॉरिटी ने निजी ईमेल पर रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया। अकासा ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि अन्य एयरलाइंस ने जवाब नहीं दिया।
रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सरकारी सूत्र (नाम न छापने की शर्त पर) ने कहा कि ये विवरण CCI के अनुरोध पर मांगे गए हैं क्योंकि ये रुकावटों के दौरान एयरलाइंस के किराए के पैटर्न का आकलन करने में मदद कर सकते हैं।
सरकारी ईमेल में एयरलाइंस से रुकावटों के दौरान “प्रभावित रूटों पर किराए का डेटा” भी देने को कहा गया है, ईमेल में कहा गया है। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि इस मामले को अन्य एयरलाइंस की जांच के लिए बढ़ाया जा रहा है।
CCI द्वारा समीक्षा की जा रही एक शिकायत में इंडिगो पर उड़ानें रद्द करने और फिर बहुत अधिक कीमतों पर सीटें देने का आरोप लगाया गया है, जो उसकी प्रमुख बाजार स्थिति का दुरुपयोग है।
